पुलिस आयुक्त हनीफ कुरैशी के ट्रैफिक नियमों का पालन कराने की मुहिम को उनके ही सिपहसलार नहीं मान रहे हैं। सीपी के आदेश के बावजूद पुलिस विभाग के ही वाहन बिना नंबर प्लेट के घूम रहे हैं। कई पुलिसकर्मी अपने निजी वाहन की नंबर प्लेट पर विभाग का निशान आदि लगाकर घूम रहे हैं।
सवाल यह उठता है कि जब पुलिस विभाग के ही कर्मचारी ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं तो आम लोगों को इन्हें मानने के लिए कैसे कहा जा सकता है? मालूम हो कि किसी भी वाहन की नंबर प्लेट पर नंबर के अलावा कुछ भी लिखवाना प्रतिबंधित है। इसे सख्ती से लागू कराने के लिए पुलिस आयुक्त ने अप्रैल में आदेश जारी किए थे।
इसके तहत वाहन की नंबर प्लेट पर कुछ भी लिखा पाए जाने पर चालान की कार्रवाई की जाती। दोषपूर्ण नंबर प्लेट वाले वाहनों का दो हजार रुपये तक चालान काटने का प्रावधान भी किया गया था। आदेश के बाद ट्रैफिक पुलिस और थानों की पुलिस अभियान चलाकर टूटी नंबर प्लेट, गलत तरीके से लिखे गए नंबर आदि के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो हजार रुपये के चालान काटे गए, लेकिन इनमें एक भी वाहन पुलिस विभाग या पुलिसकर्मियों की नहीं थीं।