- दिवाली की रात जमकर पटाखे चलने से 24 घंटे में दोगुने से अधिक खराब हुई शहर की हवा- वायु गुणवत्ता सूचकांक 370 पहुंचा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिवाली पर जमकर चले पटाखों से स्मार्ट सिटी की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है। सेक्टर-16ए में वायु गुणवत्ता सूचकांक 428 पहुंचा गया। वहीं, कुल मिलाकर एक्यूआई 370 रहा। दिनभर आसमान में स्मॉग छाया रहा, इससे शहर गैस चैंबर में तब्दील हो गया। लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई। अस्पतालों में आंखों में जलन, अस्थमा और हृदय रोगियों की संख्या बढ़ गई है।
पिछले सप्ताह शहर की आबोहवा काफी गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी। दम घोंटू हवा में लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया था। इससे लोग काफी परेशान थे। सप्ताह के अंतिम दिनों में हुई बारिश से एक्यूआई में काफी सुधार हुआ था। वायु गुणवत्ता सूचकांक 426 से कम होकर शनिवार को 176 पहुंच गया था। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की तरफ से पटाखे बेचने और चलाने पर प्रतिबंध के बावजूद दिवाली शहर जमकर आतिशबाजी हुई। देर रात तक लोगों ने पटाखे चलाए। इसके चलते एक बार फिर प्रदूषण स्तर में इजाफा हुआ है। सोमवार को हवा सामान्य से नौ गुना अधिक खराब रही। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की तरफ से जारी सूची के अनुसार सोमवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 370 दर्ज किया गया। रविवार के मुकाबले यह 198 अंक अधिक रहा। रविवार को शहर का एक्यूआई 172 दर्ज किया गया था। शहर के अलग-अलग क्षेत्रों की बात करें तो सेक्टर-16 की हवा सबसे अधिक खराब रही। यहां का एक्यूआई 428 दर्ज किया गया। एनआईटी में एक्यूआई 396, सेक्टर-30 में 344 और सेक्टर-11 में 342 दर्ज किया गया। इसके अलावा बल्लभगढ़ का एक्यूआई 337 दर्ज किया गया। हालांकि चिकित्सक इस प्रदूषण स्तर को भी सेहत के लिए काफी खराब मानते हैं और लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देते हैं।
स्मॉग की चादर में लिपटा रहा शहर
सोमवार को दिनभर शहर धुंध की चादर से लिपटा है। चारों तरफ धुआं-धुआं है। लोगों को सांस लेने में तकलीफ हुई तो आंखों में जलन की समस्या से जूझना पड़ा। प्रदूषण ने ऐसा कर्फ्यू लगा दिया है कि डर से लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। हालांकि इसका असर जिम्मेदारों पर नहीं दिख रहा है। ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. प्रवीन मलिक ने कहा कि प्रदूषण ने सांस रोगियों, बुजुर्गों व बच्चों की परेशानी बढ़ा दी है, क्योंकि एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में बना हुआ है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश व सांस संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। सुबह बाहर सैर करने ही जगह घर में ही व्यायाम करें। श्वास और हृदय रोगी नियमित रूप से दवाएं लेते रहें।
वर्जन
प्रदूषण फैलाने वाली सभी प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। विभाग की तरफ से लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी जा रही है। - संदीप सिंह, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड अधिकारी