सीएम ने दी थी मंजूरी, 170 करोड़ रुपये आएगी लागत, 21 माह का लगेगा समय
संदीप वर्मा
फरीदाबाद। शहर में पेयजल की समस्या दूर करने के लिए दो पाइप लाइनें डाली जाएंगी। शहर के पांच रेनीवेल से दोनों पाइप लाइनों को जोड़ा जाएगा। इससे एनआईटी, बड़खल, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ विधानसभा के लोगों को फायदा मिलेगा। हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में दोनों पाइप लाइन की मंजूरी दी है। इसकी लागत करीब 170 करोड़ रुपये आएगी।
जिले में 22 रेनीवेल और 1830 ट्यूबवेल के जरिए 330 एमएलडी पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है। वहीं, जिले में गर्मी के दौरान 450 एमएलडी पेयजल की आवश्यकता होती है। विशेषकर एनआईटी, बड़खल, फरीदाबाद पेयजल उपलब्धता के लिए एफएमडीए 12 रेनीवेल बनाने पर कार्य कर रहा है। रेनीवेल के जरिए पेयजल शहरवासियों तक पहुंचाने के लिए दो पाइपलाइन बनाने की योजना है।
600 मिलीमीटर से लेकर 1000 मिलीमीटर तक डाली जाने वाली दोनों पाइपलाइन से लगभग 40 एमएलडी पेयजल लोगों तक पहुंचेगा। इससे एनआईटी, बड़खल, फरीदाबाद और बल्लभगढ़ के लोगों को फायदा मिलेगा। 4 मई को एफएमडीए की बोर्ड बैठक में आए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इन क्षेत्रों में पेयजल समस्या को देखते हुए दानों पाइपलाइन बनाने की मंजूरी दी है। दोनों पाइपलाइनों को डालने में 18 से 21 माह तक लगेंगे। आगे चलकर इन दो पाइपलाइन को पांच रेनीवेल से जोड़ा जाएगा।
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एक नंबर रेनीवेल के साथ जुड़ेगी दूसरी पाइपलाइन
एक नंबर रेनीवेल के साथ बनी पाइपलाइन के साथ इस (1.1) पाइपलाइन को जोड़ा जाएगा। यह यमुना नदी से सीधे टेल प्वाइंट सैनिक कालोनी, एनआईटी और बड़खल तक बूस्टिंग स्टेशन से होते हुए सीधे पेयजल पहुंचेगा।
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तीसरे रेनीवेल से जुड़ेगी पाइप लाइन
तीन नंबर रेनीवेल के साथ यह नई पाइपलाइन (3.1) बूस्टिंग स्टेशन से होते हुए एनआईटी से होते हुए बल्लभगढ़, ओल्ड फरीदाबाद और बड़खल तक ले जाई जाएगी। सबसे अंत के सेक्टर तक यह पाइपलाइन सीधे पहुंचेगी। इससे पेयजल की पूर्ति हो सकेगी।
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पेयजल की कमी को दूर करने के लिए दो पाइपलाइन बनाने की आवश्यकता थी। दोनों पाइपलाइन के साथ बूस्टिंंग स्टेशन की भी बनाए जाने हैं। सीएम ने बोर्ड बैठक में इसके लिए हरी झंडी दे दी है।
अंकित कुमार, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए