लोगों को परेशानी के साथ-साथ बीमारी फैलने का भी डर सता रहा है
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। प्रदेश को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री देने वाला फरीदाबाद इन दिनों कूड़े के ढेरों से जूझ रहा है। सफाई कर्मचारियों की हड़ताल 17वें दिन भी जारी रहने से शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। प्रमुख चौराहों से लेकर रिहायशी इलाकों तक जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हैं। हालात यह हैं कि सड़कों और गलियों में जमा कचरे के बीच लावारिस पशु मंडराते नजर आ रहे हैं। जिससे लोगों को परेशानी के साथ-साथ बीमारी फैलने का भी डर सता रहा है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का सीधा असर शहर की सफाई व्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। कई प्रमुख सड़कों और बाजारों के आसपास कूड़ा जमा होने से राहगीरों और दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सराय चौक, एनआईटी-3, एनआईटी-5, मुजेसर, सेक्टर- 15, 22, 23 व 24, नीलम-बाटा रोड, राहुल कॉलोनी, एसी नगर, आदर्श कॉलोनी, बाटा रेलवे स्टेशन, रेलवे रोड और सेक्टर-8, 10 समेत कई इलाकों में जगह-जगह कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। लंबे समय से सफाई नहीं होने से लोग गंदगी और दुर्गंध के बीच रहने को मजबूर हैं। लोगों का कहना है कि लगातार कूड़ा जमा होने से दुर्गंध और गंदगी की समस्या बढ़ रही है।
सफाई कर्मचारियों ने शनिवार को बल्लभगढ़ के विधायक मूलचंद शर्मा के कार्यालय का घेराव किया। कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए 13 मई को हुए समझौते को लागू कराने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन की अध्यक्षता संघ के जिला प्रधान दलीप बोहोत ने की, जबकि संचालन लक्ष्मण पारचा, ऑडिटर, सफाई कर्मचारी यूनियन ने किया। इस दौरान संघ के राज्य उप महासचिव सुनील चिंडालिया, सफाई कर्मचारी यूनियन के प्रधान बलबीर बालगुहेर, जिला सचिव अनिल चंडालिया और एसकेएस के जिला प्रधान करतार सिंह जांगलान सहित अन्य नेताओं ने कर्मचारियों को संबोधित किया। संघ नेताओं ने कहा कि कर्मचारी अनुशासन के साथ अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सफाई और सीवर कर्मचारियों की मांगों को लेकर किए गए समझौते को लागू नहीं कर रही है। उन्होंने बताया कि 23 अगस्त को प्रदेशभर के नगर निगमों, नगर परिषदों और पालिकाओं के धरना स्थलों पर महापंचायत आयोजित की जाएगी। इसके लिए आरडब्ल्यूए, सामाजिक व धार्मिक संस्थाओं तथा मार्केट कमेटियों के पदाधिकारियों को भी आमंत्रित किया गया है। आंदोलन के अगले चरण में मंत्रियों को ज्ञापन सौंपने की घोषणा की गई है।