हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में सीएम ने दी टेंडर को मंजूरी
815 करोड़ 72 लाख रुपये इस योजना पर खर्च होंगे
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी में हर घर से कूड़ा उठाने के लिए प्रदेश सरकार ने आखिरकार करीब दो वर्ष बाद कंपनियों को जिम्मेदारी सौंप दी है। घर-घर से कूड़ा उठाने के बाद इसे प्लांट तक पहुंचाने का भी काम करना होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में शुक्रवार देर शाम हुई हाई पावर परचेज कमेटी की बैठक में घर-घर से कूड़ा उठाने के टेंडर को मंजूरी दी गई। 815 करोड़ 72 लाख रुपये इस योजना पर खर्च होंगे। अहमदाबाद और पुणे कंपनियों को कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी सौंपने से शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। अगले माह से शहर में कूड़ा उठाने की कार्रवाई शुरू हो जाएगी।
परियोजना के तहत फरीदाबाद शहर को पूर्व और पश्चिम जोन में बांटा गया है। इसकी अवधि पांच वर्ष होगी। अनुबंध की शर्तों के अनुसार इसे अधिकतम दो अतिरिक्त वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा।
कूड़ा उठाने के लिए दोनों जोन में कुल 712 हल्के वाणिज्यिक वाहन और 195 ई-रिक्शा लगाए जाएंगे। इसके अलावा शहर में सात कचरा स्थानांतरण केंद्र विकसित किए जाएंगे। इनका विकास संबंधित कंपनी द्वारा किया जाएगा। गुजरात के अहमदाबाद और महाराष्ट्र के पुणे की कंपनियों को कूड़ा उठाने की यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।
घर से प्रोसेसिंग साइट तक व्यवस्थित होगा कचरा : परियोजना के तहत कचरे के परिवहन और प्रबंधन के लिए स्थिर कचरा संपीड़क, हुक लोडर, कचरा कंटेनर और कचरा संपीड़क वाहनों समेत आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे घरों से कचरा उठाने से लेकर उसे कचरा स्थानांतरण केंद्र और फिर प्रोसेसिंग साइट तक पहुंचाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। बता दें कि 2024 के जून माह में प्रदेश सरकार ने चीन की इको ग्रीन कंपनी के साथ करार रद्द कर दिया था। इसके बाद शहर में कूड़ा उठाने के लिए वेंडर अपने स्तर पर जुटे हुए थे। इसके बाद से कंपनियों को ठेका नहीं छोड़ा जा सका था। नगर निगम की ओर से आठ बार प्रस्ताव भेजा गया था। नौवीं बार में प्रदेश सरकार ने इसे मंजूरी दी है।
घर -घर से कूड़ा उठाने के लिए कंपनियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। इसका सीधा लाभ शहर के आम लोगों को मिलेगा। घरों से नियमित रूप से कूड़ा उठने से खुले में कचरा जमा होने की समस्या कम होगी। उनका लक्ष्य है कि हर घर से समय पर कूड़ा उठे और गलियों तथा सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नजर न आए।- प्रवीण जोशी, मेयर