फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर, लोग परेशान

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


फरीदाबाद। शहर में कूड़ा उठाने वाली कंपनी ईको ग्रीन पर 10 लाख रुपये जुर्माने के बाद भी शहर के हालात नहीं सुधरे हैं। जगह-2 शहर में कूड़े के ढेर लगे हुए दिखाई दे रहे हैं। निगम के कर्मचारी भी बेबस नजर आ रहे हैं। निगम या प्रशासन का ईको ग्रीन कंपनी पर कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

अगस्त 2017 में गुरुग्राम और फरीदाबाद में कचरे के डोर-टू-डोर संग्रह के लिए नगर निगम गुरुग्राम, नगर निगम फरीदाबाद और हरियाणा सरकार ने इकोग्रीन के साथ एक संयुक्त समझौता किया था। समझौते के एक हिस्से के रूप में, दो नागरिक निकायों को मासिक आधार पर टिपिंग फीस के रूप में एकत्र किए गए। प्रत्येक टन कचरे के लिए इकोग्रीन को 1,000 का भुगतान करना होगा। इकोग्रीन अधिकारियों के अनुसार, वे हर दिन गुरुग्राम से 1,200 टन और फरीदाबाद से 900 टन कचरा इकट्ठा करते हैं। जिसके चलते एमसीएफ फरीदाबाद अपशिष्ट संग्रह के लिए ईको ग्रीन को प्रति माह लगभग 2.5 से 3 करोड़ रुपये और एमसीजी हर महीने 3.5 से 4 करोड़ का भुगतान करेगा। इसके अलावा ईको ग्रीन कंपनी घरों से कूड़ा उठाने की एवज में 30 रुपये प्रति घर बड़े वाणिज्यिक स्थलों से 50 रुपये प्रति टन वसूल करेगा। इसके बदले ईको ग्रीन कंपनी वेस्ट टू एनर्जी प्लांट में 2 टन प्रतिदिन कचरे से 25 मेगावाट तक बिजली बनाएगी, जो फरीदाबाद और साइबर सिटी गुरुग्राम को सप्लाई की जानी थी, लेकिन अभी तक इस पर काम शुरू नहीं हो पाया है। जिसके चलते बंधवाड़ी में कूड़े का पहाड़ बनकर खड़ा हो गया है।
विज्ञापन

ईको ग्रीन कंपनी को किसका है समर्थन

ईको ग्रीन कंपनी के तीन वेंडरों में से दो वेंडरों ने शहर से कूड़ा उठाना बंद कर दिया है। ऐसे में शहर के हालात काफी दयनीय हो गए हैं। शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। निगम अधिकारी ही नहीं, सत्तारुढ़ पार्टी के नेता एवं मंत्री भी बेबस नजर आ रहे हैं। कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा बल्लभगढ़ विधानसभा में अपने पैसे से कूड़ा उठवा रहे हैं, लेकिन मंत्री जी शहर के अन्य स्थानों से कूड़ा उठाने की जिम्मेदारी कौन लेगा। हालांकि नगर निगम ने ईको ग्रीन कंपनी पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया है और हालात न सुधरने की सूरत में तीन महीने में कंपनी ब्लैक लिस्ट करने का अल्टीमेटम भी दिया है। लेकिन बार-2 शिकायत के बाद भी ईको ग्रीन कंपनी पर लगाम नहीं लगाई जा रही है।
विज्ञापन

शहर में कूड़ा उठाने का काम तेजी से किया जा रहा है। सरकारी अमला पूरी तरह से शहर को कूड़ा मुक्त करने के लिए प्रयासरत है, लेकिन ईको ग्रीन कंपनी की लापरवाही के चलते समस्या बढ़ती जा रही है। - पदम भूषण, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें