अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। सूरजकुंड मेला परिसर में 3 नवंबर से दीपावली मेले का आयोजन किया जाएगा है, लेकिन पर्यटन विभाग की तैयारियां अभी शुरू नहीं हुई है। जगह-जगह हट टूटे पड़े हैं, गंदगी का ढेर लगा है। सफाई तक शुरू नहीं कराई गई है। ऐसे में पर्यटन विभाग अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा मेले के दौरान शिल्पकारों और लोगों को भुगतना पड़ सकता है। ये दीपावली मेला 3 से 10 नवंबर तक चलेगा।
अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेले का आयोजन हर साल फरवरी में किया जाता है, जिसमें देश-विदेश के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। दूसरी तरफ चौपाल पर सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाता है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसी साल फरवरी में घोषणा की थी कि अब मेले का आयोजन साल में दो बार होगा। दूसरा मेला नवंबर में लगेगा, लेकिन उसका स्वरूप छोटा होगा। इस समय मेला परिसर में 1200 स्टॉल बनाए हुए हैं, जिसे राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय अवॉर्डी कलाकारों को अलॉट किया जाता है। नवंबर में आयोजित होने वाले सूरजकुंड मेले में केवल 250 स्टॉल ही अलॉट होंगे, बाकी सभी स्टॉल खाली रहेंगे। स्टॉल आवंटन के लिए हरियाणा पर्यटन निगम ने एक प्राइवेट कंपनी को काम सौंपा है। 50 स्टॉल खाने-पीने की वस्तुएं के लगेंगे। चौपाल पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा, लेकिन अभी तक तैयारियां शुरू नहीं हुई है। चौपाल पर गंदगी के ढेर लगे हैं। अधिकांश हट टूट गए हैं, शौचालय खराब पड़े हैं। पीने के पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में मेले के दौरान लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
नवंबर में लगने वाले मेले की तैयारियां जल्द शुरू की जाएगी। इसके लिए एजेंसी को ठेका दिया गया है।
- यूएस भारद्वाज, वरिष्ठ उप प्रबंधक हरियाणा पर्यटन निगम