फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद की हाईराइज सोसाइटियों में रह रहे लोग बिल्डर की मनमानी से परेशान हैं। शनिवार को आरपीएस सवाना सोसाइटी में लोगों ने बिजली की अनियमित आपूर्ति को लेकर बिल्डर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। लोगों ने बताया कि बिल्डर जनरेटर से बिजली देने पर 26 रुपये प्रति यूनिट शुल्क ले रहा है। अब इसे बढ़ाकर 31 रुपये करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द बढ़ाया गया शुल्क वापस नहीं लिया गया तो वह सड़कों पर उतरेंगे।
सेक्टर-77 स्थित आरपीएस सवाना सोसाइटी में 2700 फ्लैट हैं। इनमें 10 हजार परिवार निवास करते हैं। सोसाइटी में 14.5 मेगावाट बिजली की जरूरत है, लेकिन सप्लाई केवल दो मेगावाट की हो रही है। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए के प्रधान जितेंद्र भल्ला ने बताया कि दो मेगावाट बिजली की सप्लाई भी अक्तूबर 2021 में शुरू हुई है। उससे पहले बिल्डर की ओर से जनरेटर से बिजली दी जाती थी। बिजली की आपूर्ति नियमित न होने के बावजूद बिल्डर ने जेनसेट से बिजली प्रति यूनिट 26 रुपये से बढ़ाकर 31 करने की तैयारी की है। पहले 15 रुपये प्रति यूनिट, फिर 26 रुपये और अब बिल्डर 31 रुपये करने जा रहा है।
लोगों ने बताया कि यहां छुट्टी के दिन को छोड़कर रोजाना 11 बजे से शाम छह से बिजली कटी रहती है। इस दौरान डीजी सेट से आपूर्ति की जाती है जबकि, सोसाइटी में फ्लैट लेते समय बिल्डर ने विश्वस्तरीय सुविधाएं देने के दावे किए थे। सात साल बाद भी स्थिति जस की तस है। शिकायत करते हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है।
लोगों ने बिजली निगम अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ और खेड़ी कलां (बिजली) एसडीओ कोई सुनवाई नहीं करते हैं। इस अवसर पर अमित सिन्हा, भीम सेन,शंकर कुमार सहित अनेक लोग मौजूद रहे। बिजली निगम अधीक्षण अभियंता नरेश कक्कड़ ने कहा कि उन पर लगाए गए आरोप गलत हैं। ये सोसाइटी और बिल्डर के बीच का मामला है।