4.43 करोड़ से टिकावली मोड़ से भूपानी मोड़ और भूपानी मोड़ से खेड़ी गांव तक की सड़क दुरुस्त होगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद में रोजाना धूल, गड्ढों और टूट चुकी सड़कों से जूझ रहे हजारों लोगों के लिए राहत की खबर है। तेजी से बढ़ती आबादी और लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव के बीच अब फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एफएमडीए) ने क्षेत्र की दो अहम सड़कों की विशेष मरम्मत के लिए 4.43 करोड़ रुपये का बजट मंजूर कर दिया है। इस योजना के तहत टिकावली मोड़ से भूपानी मोड़ और भूपानी मोड़ से खेड़ी गांव तक की सड़क को नए सिरे से दुरुस्त किया जाएगा।
ग्रेटर फरीदाबाद पिछले कुछ वर्षों में शहर का सबसे तेजी से विकसित होने वाला इलाका बन चुका है। यहां हजारों फ्लैट, सोसाइटियां और व्यावसायिक परियोजनाएं खड़ी हो चुकी हैं, लेकिन बुनियादी सुविधाएं अब भी विकास की रफ्तार से पीछे हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सड़कों की बदहाली को लेकर सामने आती रही हैं। खासतौर पर भूपानी रोड पर सुबह और शाम के समय लंबा जाम, उड़ती धूल और गहरे गड्ढे लोगों की परेशानी का कारण बने हुए हैं।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ चुकी है। बरसात के दौरान यहां जलभराव हो जाता है और छोटे वाहन चालकों के लिए गुजरना मुश्किल हो जाता है। रोजाना स्कूल बसें, दफ्तर जाने वाले कर्मचारी, ई-रिक्शा और भारी वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क और तेजी से टूट रही है।
दो महीने में मुख्य सड़क तैयार करने की शर्त
एफएमडीए ने इस परियोजना में जनहित को ध्यान में रखते हुए सख्त शर्तें रखी हैं। विभाग ने ठेकेदार को निर्देश दिया है कि सड़क का मुख्य कैरिज-वे कार्य शुरू होने के 60 दिन के भीतर पूरा करना होगा, ताकि लोगों को जल्दी राहत मिल सके। हालांकि पूरी परियोजना को अंतिम रूप देने और फिनिशिंग कार्य के लिए करीब साढ़े पांच महीने का समय तय किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि यदि मानसून से पहले सड़क का मुख्य हिस्सा तैयार हो जाता है तो बरसात के मौसम में लोगों को कीचड़ और जलभराव की परेशानी से काफी राहत मिलेगी।
निर्माण के दौरान जनता की सुविधा पर फोकस
एफएमडीए ने निर्माण एजेंसी के लिए सुरक्षा और तकनीकी मानकों को भी अनिवार्य किया है। खुदाई से पहले भूमिगत बिजली, पानी और इंटरनेट लाइनों की जानकारी के लिए ‘कॉल बिफोर यू डिग एप का उपयोग करना होगा, ताकि बार-बार सेवाएं बाधित न हों। इसके अलावा निर्माण के दौरान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों और जीआरएपी दिशा-निर्देशों का पालन करना जरूरी होगा। धूल रोकने के लिए नियमित पानी का छिड़काव, बैरिकेडिंग और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यवस्था भी करनी होगी।
लोगों की सुविधाओं के लिए कई स्तर पर काम किया जा रहा है। जल्द इस कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा।- केएस पठनिया, कार्यकारी अभियंता एफएमडीए