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चमत्कार: ब्रेन स्ट्रोक के बाद लकवाग्रस्त मरीज हुआ ठीक, आप भी नियमित कराते रहें ये जांच; न आएगी आपकी जान पर आंच

Thu, 17 Aug 2023 08:14 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद

सार

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं, यदि सभी नियमित बीपी की जांच करवाएं तो काफी हद तक इस समस्या से बच सकते हैं। 
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डॉक्टरों ने ब्रेन स्ट्रोक के बाद लकवाग्रस्त मरीज को किया ठीक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर-86 स्थित एक निजी अस्पताल के न्यूरोलॉजी डिपार्टमेंट चेयरमैन डॉ. रोहित गुप्ता और न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप घोष की टीम ने ब्रेन स्ट्रोक के कारण लकवाग्रस्त हुए मरीज की थ्रोम्बेक्टोमी कर नया जीवन दिया है।

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महिला के पति श्रीनिवास ने बताया कि वह ग्रेटर फरीदाबाद प्रिंसेस पार्क सोसाइटी में रहते हैं। 63 वर्षीय पत्नी घर पर पूजा कर रही थीं। पूजा करते-करते वह अचानक बेहोश होकर गिर गई। डॉक्टरों ने ब्रेन स्ट्रोक की संभावना जताई। 

न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. संदीप घोष ने बताया कि स्ट्रोक के कारण मरीज के बाएं तरफ का हिस्सा पैरालाइज हो गया था। वह बोल व पहचान नहीं पा रही थीं। मरीज का आईवी थ्रोम्बोलिसिस किया गया। दिमाग में खून का थक्का बहुत बड़ा होने के कारण उन्हें तुरंत मैकेनिकल थ्रोम्बेक्टोमी की सलाह दी गई। 

वरिष्ठ न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. रोहित गुप्ता ने बताया कि ब्रेन स्ट्रोक के बढ़ते मामले चिंताजनक हैं, यदि सभी नियमित बीपी की जांच करवाएं तो काफी हद तक इस समस्या से बच सकते हैं। 
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न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. मेघा शारदा ने कहा कि ब्रेन स्ट्रोक उस समय पड़ता है, जब मस्तिष्क की किसी नस में खून का थक्का (कलॉट) बन जाता है। नई तकनीक मैकेनिकल थ्रोम्बैक्टॉमी से अब 24 घंटे के अंदर ब्रेन स्ट्रोक के मरीज का इलाज किया जा सकता है।
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