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Faridabad News: दो धार्मिक स्थल सहित 20 से अधिक निर्माण ढहाए, 2000 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चला अभियान

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फरीदाबाद नगर निगम ने नेहरू  कॉलोनी में हटाया अतिक्रमण । संवाद
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एनजीटी के निर्देश और विकास परियोजनाओं के लिए कार्रवाई का दावा
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इंटरनेट सेवाएं रहीं बंद, विपक्ष ने उठाए सवाल, दिनभर छावनी में तब्दील रहा इलाका

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के एनआईटी क्षेत्र में शनिवार तड़के प्रशासन और नगर निगम ने भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बड़े स्तर पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। करीब 2000 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में दो धार्मिक स्थलों समेत 20 से अधिक निर्माणों को ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आसपास के क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बंद रखी गईं और कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रतिबंध लागू किए गए।

प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह कार्रवाई राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशों के अनुपालन में की गई। अधिकारियों के अनुसार एलिवेटेड रोड और आरआरटीएस कॉरिडोर जैसी विकास परियोजनाओं से जुड़े क्षेत्र में अवैध निर्माण हटाए गए हैं। अभियान शनिवार तड़के करीब तीन बजे शुरू हुआ और दोपहर तक मलबा हटाने का कार्य जारी रहा।
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50 साल और 40 साल पुराने धार्मिक स्थलों पर भी चला बुलडोजर

कार्रवाई के दौरान करीब 50 वर्ष पुराने और लगभग 40 वर्ष पुराने धार्मिक स्थल को भी हटाया गया। इसके अलावा कई मकान, दुकानें और अन्य निर्माण भी तोड़े गए। प्रशासन का कहना है कि संबंधित निर्माणों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। अभियान के मद्देनजर शुक्रवार रात से ही पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया था। बीके चौक, डबुआ रोड, मुल्ला होटल रोड और गुरुग्राम-सैनिक कॉलोनी मार्ग पर पुलिस नाकेबंदी की गई। कई स्थानों पर बैरिकेड लगाकर लोगों और वाहनों की आवाजाही सीमित कर दी गई। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे अभियान के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई।

घटनास्थल पर पहुंचने से पहले रोके गए कांग्रेस नेता

कार्रवाई की सूचना मिलने पर नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद घटनास्थल की ओर पहुंचे, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग के आगे नहीं जाने दिया। इसके बाद उन्होंने कुछ समय के लिए धरना देकर विरोध जताया। आफताब अहमद ने कार्रवाई को लेकर सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि धार्मिक स्थल को रात में तोड़ना उचित नहीं है। वहीं कांग्रेस के जिला अध्यक्ष बलजीत कौशिक समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर आपत्ति जताई।
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नशा तस्करों से जुड़े निर्माणों पर भी कार्रवाई का दावा

अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर ऐसे निर्माण भी हटाए गए हैं जिनका उपयोग कथित रूप से अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। वहीं स्थानीय लोगों का एक वर्ग प्रशासन की कार्रवाई का समर्थन करते हुए इसे क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बता रहा है। पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में पुलिस बल की तैनाती जारी रखी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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