रिकॉर्ड और जमीनी हकीकत का किया जा रहा मिलान
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर में सड़क निर्माण कार्यों की गुणवत्ता को लेकर लगातार उठ रही शिकायतों के बीच अब प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। शहरी स्थानीय निकाय मुख्यालय के निर्देश पर विशेष जांच अभियान चलाते हुए 100 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निरीक्षण किया गया, जिसमें कई जगहों पर रिकॉर्ड और जमीनी स्थिति में अंतर मिलने की बात सामने आ रही है।
पंचकूला से आई टीमों ने तीन दिन तक शहर के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचकर उन सड़कों की विशेष रूप से जांच की जिनका निर्माण हाल ही में पूरा दिखाया गया था या जिन पर हाल में काम हुआ है। जानकारी के अनुसार निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर सड़कें अधूरी मिलने की जानकारी सामने आ रही है जबकि विभागीय दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण दर्शाया गया है। ऐसे मामलों को चिन्हित कर अलग से रिपोर्ट तैयार की जा रही है जिसमें लागत, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों का विवरण शामिल किया जा रहा है।
जांच के दौरान टीम ने सड़क की मोटाई, इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, सतह की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था जैसे तकनीकी पहलुओं को भी परखा। कई जगहों पर सड़कें बनने के कुछ समय बाद ही खराब हालत में मिलीं जिससे निर्माण प्रक्रिया पर सवाल उठे हैं। टीम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और ठेकेदारों से जवाब-तलब भी किया और कार्य में देरी या गुणवत्ता में कमी के कारणों की जानकारी जुटाई।
रिपोर्ट के आधार पर तय होगी जिम्मेदारी
सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक जांच में कई तकनीकी खामियां सामने आई हैं जिन्हें विस्तृत रिपोर्ट में शामिल किया जा रहा है। यह रिपोर्ट उच्च स्तर पर भेजी जाएगी जिसके आधार पर जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई की संभावना है। गंभीर मामलों में संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों पर जुर्माना, ब्लैकलिस्टिंग और विभागीय कार्रवाई की तैयारी है।
शिकायतों के बाद तेज हुई कार्रवाई
गौरतलब है कि शहर में लंबे समय से सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों की शिकायतें मिल रही थीं। कई इलाकों में नई बनी सड़कें जल्द ही खराब होने की शिकायतें आम थीं। ऐसे में इस व्यापक जांच को जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग की चार टीमों ने तीन दिन तक अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण किया। सड़कों की जांच की गई है। – नितिन कादयान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम