एसडीएम ने अपनी अदालत में लंबित सभी मामलों को समाप्त कर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी
संवाद न्यूज एजेंसी
छांयसा। बल्लभगढ़ क्षेत्र के यमुना किनारे बसे गांव नंगला-मोड़ूका में पंचायत की भूमि पर बने 269 अवैध निर्माणों को लेकर बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार की नई नीति के तहत अब इन निर्माणों में रहने वाले ग्रामीणों को मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस संबंध में एसडीएम द्वारा अपनी अदालत में लंबित सभी मामलों को समाप्त कर रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेज दी गई है।
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, गांव में पंचायत भूमि पर लंबे समय से बने अवैध मकानों को लेकर विवाद चल रहा था। अब सरकार की नीति के अनुरूप वर्ष 2004 से पहले बने निर्माणों को नियमित करने की योजना लागू की जाएगी। इसके तहत पात्र लोगों से निर्धारित दर पर भूमि की कीमत वसूली जाएगी और उसके बाद उन्हें मालिकाना अधिकार प्रदान किया जाएगा।
बताया गया है कि इस प्रक्रिया के लिए ग्रामीणों को 2004 से पहले के निर्माण के प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे। इनमें बिजली बिल की प्रति, पुराने फोटो, राशन कार्ड और जमाबंदी से संबंधित दस्तावेज शामिल होंगे। आवेदन के साथ यह सभी दस्तावेज जमा करने के बाद जांच की जाएगी और पात्र पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम ने स्पष्ट किया कि सभी मामलों को खारिज कर सरकार को रिपोर्ट भेज दी गई है, ताकि नीति के अनुसार जल्द से जल्द कार्रवाई शुरू हो सके। हालांकि, अभी तक सरकार की ओर से पात्र ग्रामीणों की अंतिम सूची जारी नहीं की गई है।
गांव के लोगों में इस निर्णय को लेकर राहत की भावना है, क्योंकि लंबे समय से वे अपने मकानों को लेकर असमंजस में थे। अब उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही प्रक्रिया पूरी कर उन्हें कानूनी रूप से मालिकाना हक मिल जाएगा।