संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने डीएचबीवीएन को आवेदक रहीसन का बिजली कनेक्शन बहाल करने के निर्देश दिए हैं। मामला बिजली चोरी के आरोप से जुड़ा है, जिसमें रहीसन के खिलाफ 16 सितंबर 2021 की चेकिंग रिपोर्ट के आधार पर केस दर्ज किया गया था। विभाग की ओर से करीब 43 हजार रुपये का असेसमेंट नोटिस और चार हजार रुपये की कंपाउंडिंग फीस का नोटिस जारी किया गया था।
आवेदक ने अदालत में दलील दी कि उसके खिलाफ झूठा व मनगढ़ंत केस बनाया गया है। उसने पूर्व में अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था, जिस पर अदालत ने 40 प्रतिशत असेसमेंट राशि जमा करने की शर्त पर जमानत प्रदान की थी। आवेदक ने अदालत के आदेशानुसार उक्त 40 प्रतिशत राशि जमा भी कर दी थी। डीएचबीवीएन की ओर से जवाब दाखिल कर यह स्वीकार किया गया कि 40 प्रतिशत राशि जमा की जा चुकी है, लेकिन पूर्ण असेसमेंट और कंपाउंडिंग फीस जमा न होने का हवाला देते हुए राहत का विरोध किया गया।
अदालत ने पाया कि आपराधिक मामला लंबित होने के दौरान 40 प्रतिशत राशि जमा की जा चुकी है और इस तथ्य से इंकार नहीं किया गया है। इस आधार पर अदालत ने निर्देश दिया कि यदि आवेदक पुन: आवेदन करता है तो उसका बिजली कनेक्शन बहाल किया जाए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया कि भविष्य के बिजली बिल मीटर रीडिंग के अनुसार नियमित रूप से अदा करने होंगे। आदेश के साथ मामला निस्तारित कर फाइल रिकॉर्ड रूम भेजने के निर्देश दिए गए।