फरीदाबाद। जिले में पहली बार नौकरी पाने वाले 5.05 लाख से अधिक युवाओं के हाथों में रोजगार तो आया, लेकिन प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएमवीबीआरवाई) का लाभ महज दो फीसदी तक ही पहुंच सका। 1 अगस्त 2025 से 5 अगस्त 2026 के बीच 5,05,818 कर्मचारियों को पहली बार रोजगार मिला, जबकि करीब 10 हजार ही योजना के दायरे में आ सके। यानी करीब 98 फीसदी युवा योजना के लाभ से बाहर रह गए। इसकी बड़ी वजह जिले की 1,277 कंपनियों (प्रतिष्ठान) की ओर से ईसीआर (इलेक्ट्रॉनिक चालान-सह-विवरणी) दाखिल नहीं करना है।
ईपीएफओ विभाग के आंकड़ों के अनुसार फरीदाबाद जिले में 7,454 कंपनियों ने ईसीआर दाखिल किया है, जबकि 1,277 कंपनियों ने रोजगार तो पैदा किया, लेकिन ईसीआर दाखिल नहीं किया। इसके कारण पीएमवीबीआरवाई के पात्र कर्मचारी इसका लाभ नहीं उठा सके। कंपनी की ओर से ईसीआर दाखिल नहीं होने पर कर्मचारी का पीएफ और रोजगार संबंधी रिकॉर्ड निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आगे नहीं बढ़ सका। जिससे योजना के लाभ की प्रक्रिया प्रभावित हुई।
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क्या है पीएमवीबीआरवाई योजना
पीएमवीबीआरवाई योजना के तहत 1 अगस्त 2025 से पहली बार नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को लगातार 6 माह नौकरी पूरी करने पर सरकार की ओर अधिकतम 7500 रुपये दिए जाते हैं। वहीं एक साल पूरे होने पर 15 हजार रुपये तक का प्रोत्साहन मिलने का प्रावधान है। इसके लिए कर्मचारी का रोजगार औपचारिक व्यवस्था के तहत दर्ज होना और संबंधित प्रतिष्ठान की ओर से ईपीएफओ की जरूरी प्रक्रिया पूरी करना महत्वपूर्ण है।
अलग-अलग कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों और इकाइयों तक इसकी जानकारी पहुंचाई जा रही है। आगामी दिनों में लाभान्वित कर्मचारियों के आकड़ों में वृद्धि देखने को मिलेगी। - भुवनेश वार्ष्णेय, सहायक पीएफ आयुक्त