फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: मंझावली पुल पर ऑनलाइन मैप दिखा रहा कच्चा रास्ता

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन


जान जोखिम में डालकर ग्रेटर नोएडा पहुंच रहे अनजान वाहन चालक


सड़क बनाने के लिए जमीन न मिलने से अटका है सड़क निर्माण का कार्य

अमर उजाला ब्यूरो

फरीदाबाद। ग्रेटर नोएडा से स्मार्ट सिटी को जोड़ने वाला मंझावली पुल तो बनकर तैयार है, लेकिन ग्रेटर नोएडा की सीमा में इसकी सड़क न बनने की वजह से लोग कच्चे रास्ते से आवाजाही करने को मजबूर हैं। बरसात का मौसम होने की वजह से यह रास्ता कभी भी जानलेवा हो सकता है। गूगल मैप भी इस कच्चे रास्ते को दिखा रहा है। प्रशासन भी ग्रेटर नोएडा और फरीदाबाद के बीच आवाजाही करने वाले वाहन चालकों की रोकथाम नहीं कर पा रहा है। हालत यह है कि सुबह-शाम नौकरीपेशा लोगों की भीड़ बढ़ने पर इस कच्चे रास्ते पर जाम लग रहा है। दो माह पहले इस कच्चे रास्ते पर एक मैनेजर की मौत होने के बाद भी यहांबदस्तूर ट्रैफिक दौड़ रहा है।
37 साल बाद पुल तो बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश की ओर की लिंक रोड अब भी अड़ंगा बनी हुई है। मंझावली पुल पार करने के बाद ग्रेटर नोएडा जाने के लिए पक्की संपर्क सड़क नहीं होने से वाहन चालकों की परेशानी बढ़ गई है। स्थिति यह है कि गूगल मैप पर भी ग्रेटर नोएडा जाने का रास्ता खेतों के बीच से दिखाया जा रहा है। इससे अनजान और बाहरी वाहन चालक मैप के निर्देश पर चलते हुए सीधे कच्चे रास्ते पर पहुंच जाते हैं। उन्हें लगता है कि आगे पक्की सड़क मिल जाएगी, लेकिन खेतों के बीच पहुंचने के बाद रास्ता संकरा और खराब होता जाता है। सामान्य दिनों में यहां से वाहन निकालना मुश्किल होता है, जबकि बारिश के दौरान कीचड़ और दलदल के कारण स्थिति और गंभीर हो जाती है।
विज्ञापन


122 करोड़ रुपये की लागत से बना चार लेन पुल

मंझावली में यमुना पर बने इस पुल की कहानी भी कम लंबी नहीं है। परियोजना का सपना करीब 37 साल पहले 1989 में देखा गया था। 2014 में इसे गति मिली और 2018 में निर्माण शुरू हुआ। करीब 122 करोड़ रुपये की लागत से 630 मीटर लंबा फोर लेन पुल तैयार हो चुका है। हरियाणा की ओर सड़क भी पुल तक पहुंच चुकी है। यमुना पार भी करीब एक किलोमीटर तक अप्रोच रोड बन चुकी है। इसके बावजूद ग्रेटर नोएडा की ओर कनेक्टिविटी अधूरी है।

असली अड़चन यूपी की तरफ

पुल से आगे ग्रेटर नोएडा के जगनपुर और अट्टा गुजरान गांवों के पास करीब 6.88 एकड़ जमीन की जरूरत है। यहां करीब 1.7 किलोमीटर नई सड़क बननी है, जो आगे यमुना एक्सप्रेसवे की लिंक रोड से जुड़ेगी। इसके अलावा करीब 3.2 किलोमीटर मौजूदा सड़क को चार लेन किया जाना है। इस पूरे संपर्क मार्ग के लिए करीब 66.50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत है। अड़चन जमीन अधिग्रहण और किसानों के मुआवजे को लेकर है। मुआवजे की पहली किस्त जारी हो चुकी है और रजिस्ट्री की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन सभी किसानों को भुगतान नहीं हो पाया है।
विज्ञापन



डेडलाइन पर डेडलाइन, इंतजार बरकरार

परियोजना के लिए दिसंबर 2019 से लेकर मार्च 2024 तक कई समय-सीमाएं तय की गईं, लेकिन कनेक्टिविटी पूरी नहीं हो सकी। भूमि अधिग्रहण, कोरोना काल, यमुना में बढ़ा जलस्तर और सर्दियों में प्रदूषण के कारण निर्माण प्रभावित हुआ। पुल पूरा होने पर फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा के बीच की दूरी मात्र 20 मिनट रह जाएगी।


टाइमलाइन

1989 में केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट ने परियोजना का शिलान्यास किया था।
2014 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने परियोजना का दोबारा शिलान्यास किया।
2018 में पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ।
2019 में दिसंबर पहली डेडलाइन थी।
2020-2022 के बीच छह बार डेडलाइन बढ़ी।
2023 के नवंबर-दिसंबर की समय-सीमा तय।
2024 के मार्च तक कनेक्टिविटी का लक्ष्य, लेकिन काम अधूरा।
2026 पुल तैयार, ग्रेटर नोएडा की लिंक रोड अब भी अधूरी।


पुल बन जाने के बाद उम्मीद थी कि फरीदाबाद से ग्रेटर नोएडा का सफर आसान हो जाएगा, लेकिन पुल पार करते ही पक्का रास्ता खत्म हो जाता है।
- अनिल कुमार, वाहन चालक


बाहर से आने वाले लोगों को रास्ते की जानकारी नहीं होती। वे गूगल मैप देखकर खेतों की तरफ चले जाते हैं। आगे रास्ता खराब मिलने पर परेशान होते हैं।
- मुकेश यादव, निवासी मंझावली
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें