विश्व हृदय दिवस पर विशेष
हेमलता रावत
फरीदाबाद। स्मार्ट सिटी के लोग मोटापे के कारण हृदय रोग के शिकार हो रहे हैं। बीके अस्पताल में पीपीपी पर बने हार्ट सेंटर में रोज 100 मरीज दिल की बीमारी को लेकर उपचार करवाने के लिए आते है। जिसमें 30 प्रतिशत मरीजों में दिल की बीमारी से ग्रस्त होते हैं। इसमें मोटापा भी एक प्रमुख कारण है।
बीके अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित पीपीपी मॉडल के तहत हार्ट सेंटर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ओम जीवन का कहना है कि जिले के 10 में दो लोग मोटापे से ग्रस्त है। मोटापे के कारण उनको बीपी, शुगर आदि हो रही है और उसके बाद उनको हृदय की बीमारी से भी जूझना पड़ रहा है। इसमें सबसे ज्यादा महिलाएं शामिल है। उन्होंने बताया कि उनकी ओपीडी में हर रोज 100 मरीज दिल की बीमारी को लेकर उपचार करवाने के लिए आते है। जिसमें 30 प्रतिशत मरीजों में दिल की बीमारी से ग्रस्त पाए जाते है। जिनका ऑपरेशन किया जाता है। दिल की बीमारी आज के समय में सबसे ज्यादा पाई जाती है। पहले लोग घर का छोटा-बड़ा काम खुद अपने हाथों से करते थे। लेकिन अब उन्हीं कामों को लेकर मशीनों का इस्तेमाल कर रहे है। गलत खानपान और शारीरिक व्यायाम ने करने के चलते अक्सर महिलाएं भी मोटापे की बीमारी से ग्रस्त मिलती हैं। पहले महिलाओं को दिल की बीमारी 40 के बाद देखने को मिलती थी, लेकिन, अब 25 से 30 साल की महिलाएं भी हृदय रोग से पीड़ित हैं। दो दिन पहले उनके पास फरीदाबाद निवासी राजश्री भर्ती हुईं थीं, उन्हें दिल का दौरा पड़ा था जिसके चलते उसका तुरंत ऑपरेशन करके स्टंट डाला गया। इसके अलावा एक 21 साल के युवक व 30 साल महिला का भी दिल का दौरा पड़ने की वजह से स्टंट डाला गया। सभी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
कार्बोहाइड्रेट का कम करें इस्तेमाल
आज दिनचर्या में अगर किसी को दिल की बीमारी से बचना है तो वह उनको मोटापे पर लगाम लगाना होगी। इसके लिए लोगों को मीठा, कोल्ड ड्रिंक, रिफाइंड, चावल आदि का सेवन कम करना चाहिए। अगर वह खाने के शौकीन है तो उनको अपने वजन पर कंट्रोल करने के लिए व्यायाम सुबह व शाम को करना चाहिए ताकि वह मोटापे का शिकार ना हो।
तंबाकू और सिगरेट से बढ़ रहे है मरीज
वरिष्ठ हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. ने बताया कि युवाओं में हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण तंबाकू और सिगरेट है। युवा इसे नजरअंदाज करते हैं। तंबाकू और सिगरेट धीरे-धीरे हृदय पर असर करते हैं। इनके सेवन से शरीर की धमनियां ब्लॉक हो जाती हैं। खून न पहुंचने से दिल का दौरा पड़ता है। ऐसे युवा मरीजों की संख्या अस्पताल में बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि मेडिटेशन, कंसल्टेशन, नियमित एक्सरसाइज से हार्ट की समस्याओं से बचा जा सकता है। हाई प्रोफाइल लोगों को एक्सरसाइज के दौरान हार्ट पेन, भारीपन, बाएं कंधे में दर्द, गले में दर्द व पीठ में दर्द जैसे लक्षणों को कभी नजर अंदाज नहीं करना चाहिए।
इन्हें खतरा ज्यादा
जिन्हें पहले से डायबिटीज है, हाई ब्लड प्रेशर है, स्मोकिंग हिस्ट्री है, या घर में किसी को पहले से हार्ट की बीमारी रही हो। इन लोगों को ज्यादा खतरा रहता है। ऐसे लोगों को ज्यादा सजग रहने की जरूरत है। इन लोगों में जिम में ज्यादा एग्जर्शन वाली एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। जब भी वर्कआउट करें तो बहुत ज्यादा और तेज एक्सरसाइज न करें। ज्यादा वेट न उठाएं, बिना रुके दौड़ना, लंबे वक्त तक एक्सरसाइज करना हार्ट अटैक की वजह बन सकता है।
हार्ट अटैक के लक्षण
उन्होंने बताया कि चलने में सांस फूलना, छाती में दर्द, धड़कन बढ़ जाना, बिना कारण के पसीना आना, छोटी छोटी बात पर घबराहट होना, पेट के ऊपरी हिस्से से लेकर जबड़े तक कहीं पर दर्द, कमर दर्द, दस्त लगना, उल्टी लगना, बेहोश होना आदि लक्षण हैं।
बचाव के उपाय
जंक फूड से परहेज, हरी सब्जी, फल आदि भोजन में लें, नियमित व्यायाम करें, शुगर, बीपी और मोटापा पर नियंत्रण, धूम्रपान करने से बचें।