फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब सरकारी स्कूलों में बस्ता लेकर नहीं जाएंगे नौनिहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। इस साल से नौनिहाल बस्ता लेकर सरकारी स्कूलों में जाते नजर नहीं आएंगे। यह सुविधा अंग्रेजी माध्यम मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय के नौनिहालों के लिए होगी। अप्रैल से यह स्कूल बैग फ्री होंगे। इसके लिए कई स्कूलों को सरकारी लॉकर उपलब्ध कराए गए हैं, वहीं कई को इस माह के अंत तक यह सुविधा मिल जाएगी। इसके बाद जिले के 90 मॉडल संस्कृति विद्यालय बैग फ्री हो जाएंगे।
विज्ञापन

सरकार की ओर से दो वर्ष पूर्व प्रदेश के सभी जिलों में प्राथमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय चिन्हित कर मॉडल संस्कृति के रूप में विकसित किए गए। इसमें जिले के 90 प्राथमिक विद्यालय मॉडल संस्कृति के रूप में चिन्हित किए गए। ऐसे स्कूलों में पहली कक्षा को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाने की पहल की गई। बीते दो वर्ष में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ यह छात्र प्रोन्नत होकर इस वर्ष तीसरी कक्षा में पहुंचेंगे। ऐसे में इस शैक्षणिक वर्ष से इन विद्यालयों में पहली, दूसरी व तीसरी कक्षा के विद्यार्थी अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करेंगे।
हालांकि, इन विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को मासिक फीस देना अनिवार्य है। ऐसे में राज्य सरकार के शिक्षा अधिनियम 2003 (संशोधित 2013) के 134ए अधिनियम के तहत आर्थिक रूप से पिछड़ों को इन स्कूलों में दाखिले व फीस में आरक्षण देने की तैयारी है। राज्य सरकार 134ए के तहत ही निजी स्कूलों में भी आर्थिक पिछड़ों को निशुल्क शिक्षा मुहैया करा रही है। अब मॉडल संस्कृति स्कूलों में दो लाख से कम (वार्षिक) आमदनी वालों को 20 फीसदी व दो से ढाई लाख रुपये सालाना आमदनी वाले परिवारों को 10 फीसदी आरक्षण देने की कवायद है। सामान्य वर्ग को दाखिले के लिए 500 रुपये व मासिक ट्यूशन फीस के रूप में 200 रुपये खर्च करने होते हैं।
विज्ञापन

अंग्रेजी मीडियम बनने के स्कूलों ने दिए कई प्रमाण
स्कूलों को अपग्रेड करने के साथ ही स्कूल व शिक्षा विभाग को कई प्रमाण देकर इन स्कूलों को चिन्हित किया गया। इसमें नामित सभी स्कूलों की जानकारी प्रमाणित की गई। इसमें स्कूल की लोकेशन, कमरों की संख्या, मौजूदा इमारत की हालत, उपलब्ध व्यवस्थाएं व अन्य जरूरी संसाधनों की जांच की गई। इस दौरान यह भी सुनिश्चित किया गया कि स्कूल किराए की जमीन पर तो संचालित नहीं है। प्राथमिक विद्यालयों से मॉडल संस्कृति स्कूल में तब्दील किए जाने के लिए 65 विद्यालय फरीदाबाद शहर के और 25 बल्लभगढ़ क्षेत्र से चयनित किए गए।
मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय में लॉकर देकर प्राथमिक स्तर के नौनिहालों के लिए स्कूल शिक्षा को टेंशन फ्री बनाने की कवायद है। बगैर बैग के सरकारी स्कूल में आना अभी किसी सपने से कम नहीं। एक अप्रैल से यह नियम लागू होगा। ऐसे में बच्चे इस सपने को हकीकत में जी सकेंगे।
विज्ञापन

- चतर सिंह, प्रधान, हरियाणा प्राइमरी स्कूल टीचर एसोसिएशन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें