फरीदाबाद। जिले के एक मात्र सरकारी बीके अस्पताल पर निर्भर 24 लाख आबादी के लिए राहत भरी खबर है। वह जल्द ही ईएसआईसी की स्वास्थ्य सुविधाओं का भी लाभ ले सकेंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रस्ताव तैयार किया है। इसे लेकर ईएसआईसी व प्रदेश सरकार के बीच अनुबंध होगा। इसके बाद आम लोग भी ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में इलाज करा सकेंगे।
जिले में 24 लाख की आबादी पर एक मात्र बीके नागरिक अस्पताल है जहां रोजाना करीब दो हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। वहीं दो वर्ष पूर्व नीति आयोग की रिपोर्ट स्रह्य अनुसार फरीदाबाद के जिला अस्पताल में एक लाख की आबादी पर केवल 11.05 प्रतिशत बेड ही उपलब्ध हैं। ये इतनी बड़ी आबादी के लिहाज से काफी कम हैं। नीति आयोग ने 2018-19 के दौरान देश के सभी राज्यों में जिला अस्पतालों का सर्वे किया था, उसी के आधार पर यह रिपोर्ट जारी की गई है। इसके अनुसार उस समय फरीदाबाद की आबादी 180733 थी। सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए यह आबादी सबसे अधिक बीके नागरिक अस्पताल पर निर्भर है। इतनी बड़ी आबादी होने के बाद भी शहर में केवल 200 बेड का जिला अस्पताल है, जो छोटी श्रेणी में आता है। कोरोना के मद्देनजर बीके अस्पताल में 102 बेड का एक अस्थायी अस्पताल भी स्थापित किया गया है, वहीं, अगर स्टाफ की बात करें, तो स्टाफ की कमी भी यहां पर बनी हुई है। रिपोर्ट के अनुसार यहां पर डॉक्टरों की 48 पद सृजित हैं, जिनमें से केवल 34 पर ही डॉक्टर कार्यरत हैं। एक साल के दौरान यहां पर ओपीडी में औसतन 553086 मरीज पहुंचते हैं।
कोरोना काल में देखने को मिली बेड की किल्लत
कोरोना काल में यहां पर बेड की काफी किल्लत देखने को मिली थी। वहीं, अब बुखार, डेंगू, मलेरिया, डायरिया व अन्य मौसमी बीमारियों का दौर चल रहा है, तो भी यहां पर लगभग सभी बेड फुल हो गए हैं। ऐसे में बेड न मिलने पर मरीजों को कई बार मजबूरीवश निजी अस्पतालों में महंगे खर्च पर अपना इलाज कराना पड़ता है जबकि ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और ईएसआई डिस्पेंसरियों में केवल श्रमिक और उनके परिजन भी इलाज करवा सकते है। आम लोगों को इस सुविधा से दूर रखा गया है।
दिल्ली में हुई बैठक
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मरीजों को हो रही परेशानी को देखते हुए बुधवार को केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री भपेंद्र यादव से दिल्ली में मुलाकात की। बैठक में गुरुग्राम में स्थापित होने वाले 500 बेड क्षमता के ईएसआई अस्पताल परियोजना के अतिरिक्त प्रदेश में स्थापित होने वाले अन्य पांच ईएसआई अस्पतालों, नर्सिंग महाविद्यालय व ईएसआई डिस्पेंसरियों के संदर्भ में गहन विचार-विमर्श हुआ। ईएसआई अस्पतालों में आम लोग भी अपना इलाज करवा सकें, इस पर चर्चा की गई। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ईएसआईसी के साथ एमओयू साइन करेगा।
आम लोगों के लिए इलाज के लिए उच्च स्तर पर सभी प्रक्रिया चल रही है। सरकार की मंजूरी के बाद कुछ कहा जा सकता है। उससे पहले वह कोई जानकारी नहीं दे सकते हैं।
- डॉ. असीम दास, डीन, ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल