जिले में गिरते लिंगानुपात को लेकर सिविल सर्जन संख्त, 3 आशा वर्कर बर्खास्त
रोशनलाल शर्मा
होडल। जिले में गिरते लिंगानुपात को लेकर जिला सिविल सर्जन डॉ. सतेन्द्र वशिष्ठ ने दो एसएमओ सहित सात मेडिकल अधिकारियों के अलावा 8 एएनएम सहित 34 आशा वर्करों को नोटिस जारी किया है। सीएमओ ने तीन आशा वर्करों को नौकरी से बर्खास्त करने के आदेश भी जारी किए हैं।गौरतलब है कि जिले में प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाई जा रही मुहिम पर रोक लगी है। वर्ष 2023 में जहां जिला पलवल का लिंगानुपात में प्रथम स्थान आने पर पांच लाख रुपये का इनाम दिया गया था। वहीं जुलाई 2025 में जिले का लिंगानुपात घटकर 885 रह गया। इस साल स्वास्थ्य विभाग ने 8 एमपीटी की कार्रवाई सहित तीन पीएनडीटी कार्रवाई कर विभिन्न स्थानों पर नौ एमपीटी सेंटर बंद कर उनके खिलाफ कार्रवाई की है।
जिला सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र वशिष्ठ ने बताया कि जिले में लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीम जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा विभिन्न प्रकार की कार्रवाई में जुटी हुई है, इसके बावजूद भी लिंगानुपात घटता जा रहा है जिसको लेकर उन्होंने मिली रिपोर्ट के आधार पर सीएससी बडौली व सीएससी अलावलपुर के दोनों एसएमओ को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में 7 मेडिकल अधिकारी, 8 एएनएम, 34 आशा वर्करों को काम में कोताही बरतने के मामले कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में तीन आशा वर्करों नौकरी से निकालने के आदेश भी दिए गए हैं। इस मामले में डिप्टी सिविल सर्जन डॉ संजय शर्मा ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल के निर्देश पर लगातार जिले में कार्रवाई की जा रही है। जुलाई महीने में जहां लिंगानुपात 885 था, वह अब बढ़कर 905 पर आ गया है। विभाग की टीम लगातार प्रयास कर रही है ताकि जिला लिंग अनुपात में पहले स्थान पर बना रहे।