फरीदाबाद बीके सिविल अस्पताल ः हड्डी रोग कक्ष पर लगी मरीजों की भीड़।
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बल्लभगढ़। कोरोना के मामलों में लगातार कमी, कोरोना वैक्सीनेशन की शुरुआत व सामाजिक दिनचर्या के एक बार फिर से शुरू होने के कारण लोगों में कोरोना का डर गायब होता दिखाई दे रहा है। दो गज की दूरी, मास्क की जरूरत अब दरकिनार नजर आती है। जिले के विभिन्न कार्यालयों में यही देखने को मिल रहा है। वहीं अब चिकित्सक और अधिकारी अस्पताल परिसर में भी कोरोना से बचाव के नियमों का पालन नहीं करते दिख रहे हैं। इसी के दूसरी तरफ सार्वजनिक कार्यक्रमों के अलावा प्रशासनिक कार्यालयों में भी कोरोना के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है।
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पंचायत कार्यालय : पंचायत भवन में अपने निजी कार्य के लिए पहुंच रहे लोगों में सोशल डिस्टेंसिंग मानो समाप्त हो गई है, लगने लगा है कि लोगों में कोरोना का भय नहीं रहा है। अपने कार्यों को कराने के लिए लोगों में प्रतिस्पर्धा है।
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आधार कार्ड : शहर की कॉलोनियों के लोग आधार कार्ड बनवाने के लिए परेशान है, जहां रोजाना सैकड़ों लोग बच्चों के साथ अपने कार्य के लिए आते हैं ,लेकिन इन सबके बावजूद यहां कोरोना गाइडलाइन की पालन औपचारिकता बन कर रह गई है।
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स्कूल : बेहद सावधानी के बाद भी स्कूलों और अध्यापकों को ले जाने वाली गाड़ियों में सोशल डिस्टेंसिंग तो मात्र एक कहने व सुनने वाली कहावत बन कर रह गई है। एक वैन व अन्य स्कूल गाड़ी में अध्यापकों के साथ बच्चें सफर करते देखें जा सकते हैं।
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यातायात साधन : ऑटो रिक्शा, बस में सवारियों को इस प्रकार बैठाया जाता है जहां जैसे उनको अपने गंतव्य पर जाने का कोई और साधन नहीं मिलेगा। तीन सवारी की अनुमित होने के बाद ऑटो चालक पांच से सात सवारी बैठा कर चल रहे हैं। वहीं प्राइवेट बसों में सवारियों को लेकर प्रतिस्पर्धा है।
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पुलिस भय से लगाते हैं मास्क : लोग केवल पुलिस जांच से बचने के लिए ही मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। जहां मास्क का प्रयोग पुलिस नाकों पर अधिक देखने को मिला। जहां पुलिस वाहन व चालकों के कागजों की जांच कर रही है। दूसरी तरफ शहर में बाजार हो या फिर पार्क कहीं कोरोना नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है।
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