जिले को दिल्ली और आगरा से जोड़ने वाले एनएच-19 पर अंधेरा, जलभराव और गड्ढों से जूझ रहे वाहन चालक अमर उजाला ब्यूरो फरीदाबाद। टोल देने में कोई चूक नहीं लेकिन सुविधा देने की बारी आते ही व्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। जिले को दिल्ली और आगरा से जोड़ने वाले एनएच-19 पर रोज हजारों वाहन चालक टोल देकर सफर करते हैं। मगर बदले में उन्हें बंद स्ट्रीट लाइट, मिट चुकी लेन मार्किंग, जलभराव, बदहाल सर्विस रोड और अवैध कट मिल रहे हैं। बदरपुर टोल से रोज 50 हजार से अधिक वाहनों से करीब 25 लाख रुपये राजस्व वसूला जाता है। इसके बाद भी सुरक्षित सफर की गारंटी नहीं मिल पा रही है।
औद्योगिक गतिविधियों और दिल्ली आने-जाने वाले कर्मचारियों के कारण इस मार्ग पर दिनभर भारी यातायात रहता है। ऐसे में सड़क की खराब व्यवस्था का असर सीधे हजारों वाहन चालकों पर पड़ता है। सरकार ने फास्टैग और इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से टोल वसूली तेज कर दी है लेकिन सड़क की लेन मार्किंग कई स्थानों पर मिट चुकी है। रात में इससे वाहन चालकों को लेन पहचानने में परेशानी होती है और दुर्घटना का खतरा बढ़ता है।
विज्ञापन
बंद पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें, अंधेरे में दौड़ते हैं वाहन
एनएच-19 के कई हिस्सों में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं। रात के समय भारी वाहनों की आवाजाही के बीच अंधेरे हिस्से दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं। दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए स्थिति और अधिक जोखिम भरी है। वाहन चालकों का कहना है कि टोल वसूली के साथ हाईवे की रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था की नियमित निगरानी भी होनी चाहिए।
बारिश में खुल जाती है ड्रेनेज व्यवस्था की पोल
हाईवे पर जल निकासी की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। बारिश के दौरान कई स्थानों पर पानी सड़क पर जमा हो जाता है। इससे वाहनों की रफ्तार कम होने के साथ जाम की स्थिति बनती है। पानी में छिपे गड्ढे दोपहिया वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ा देते हैं। स्थायी ड्रेनेज के बजाय बारिश के समय पंपसेट लगाकर पानी निकालने का सहारा लिया जाता है। बारिश के दिनों में एनएच-19 पर घंटों जाम जैसी स्थिति बन जाती है।
बदहाल सर्विस रोड और अवैध कट बने खतरा
मुख्य हाईवे के साथ चलने वाली सर्विस रोड भी कई स्थानों पर खराब हैं। गड्ढों और टूटे हिस्सों के कारण वाहन मुख्य मार्ग पर आने को मजबूर होते हैं, जिससे ट्रैफिक दबाव बढ़ता है। दूसरी ओर कई जगह अवैध कट बने हुए हैं, जहां से वाहन अचानक मुख्य मार्ग पर प्रवेश कर जाते हैं। हाईवे पर इस तरह का अनियंत्रित प्रवेश दुर्घटना का बड़ा कारण बन सकता है।
कई स्थान बने हुए हैं संवेदनशील
फरीदाबाद ट्रैफिक पुलिस ने दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए 12 ब्लैक स्पॉट चिह्नित किए थे। एनएचएआई ने कई जगह सुधार कार्य भी कराए लेकिन जेसीबी चौक, एल्सन चौक और अनाज मंडी कट अब भी संवेदनशील बने हुए हैं। इन स्थानों पर लोग फेंसिंग पार कर सड़क पार करते हैं। इन इलाकों में फुटओवर ब्रिज और ऊंची स्टील फेंसिंग की जरूरत अभी भी बनी हुई है।
टोल देने के बाद भी सुविधाओं का इंतजार
वाहन चालकों की मांग है कि टोल के बदले सुरक्षित और सुगम सड़क भी मिले। बंद स्ट्रीट लाइटें चालू की जाएं, लेन मार्किंग दोबारा की जाए, जलभराव वाले स्थानों पर स्थायी ड्रेनेज बनाया जाए, सर्विस रोड की मरम्मत हो और अवैध कट बंद किए जाएं।
यातायात थाना प्रभारी अनोज कुमार ने बताया कि बाटा चौक पर स्ट्रीट लाइट खराब होने के संबंध में एनएचएआई को पत्र लिखा गया था। अन्य स्थानों पर स्ट्रीट लाइटों की स्थिति की जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं है। इसकी जानकारी जुटाने के बाद लाइट ठीक करने के लिए एनएचएआई को पत्र लिखा जाएगा। वहीं, एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर धीरज कुमार से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
क्या कहते हैं वाहन चालक
टोल देने में कोई परेशानी नहीं है लेकिन सड़क पर सुरक्षित सफर मिलना चाहिए। कई जगह स्ट्रीट लाइटें बंद हैं और बारिश में पानी भर जाता है। रात में सफर करने में मुश्किल होती है।- खजान सिंह ठाकुर, वाहन चालक
एनएच-19 पर कई जगह लेन मार्किंग मिट चुकी है। स्थानीय लोग पीक आवर्स में रोड क्रॉस करने लगते हैं। इससे दुर्घटना होने की संभावना बढ़ जाती है। बारिश के दिनों में जलभराव के कारण जाम में फंसना पड़ता है।- राजेश सिंह, वाहन चालक