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Faridabad News: डॉक्टर नहीं... पीएमओ ने ढाई घंटे तक संभाली इमरजेंसी

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- स्वास्थ्य महानिदेशक को सूचना देने के बाद मिला एक दिन के लिए डॉक्टर
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संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल की इमरजेंसी में मंगलवार दोपहर डॉक्टर उपलब्ध न होने पर स्वयं प्रधान चिकित्सा अधिकारी को इमरजेंसी संभालनी पड़ी। उन्होंने करीब ढाई घंटे तक मरीजों का उपचार किया।
बीके अस्पताल में मंगलवार को करीब दो हजार से अधिक मरीज उपचार कराने के लिए आए थे, जिसमें पुरानी मरीज भी शामिल थे। इन मरीजों में सबसे ज्यादा बाल रोग विशेषज्ञ, हड्डी रोग विशेषज्ञ और स्त्री रोग विशेषज्ञ के रहे। वहीं, इमरजेंसी में भी हर रोज 100 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। पीएमओ डॉ. सविता यादव ने बताया कि उनके पास इमरजेंसी में काम करने वाले डॉक्टरों की संख्या मात्र चार है। इसमें से एक डॉक्टर पोस्टमार्टम व रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) का कार्य संभालते हैं। मंगलवार की दोपहर को डॉ. मनीष दलाल की ड्यूटी लगाई हुई थी, लेकिन उनका स्वास्थ्य खराब होने की वजह से वह दोपहर को ड्यूटी पर नहीं आ पाए। इसकी सूचना आरएमओ को दी गई। आरएमओ ने पीएमओ डॉ. सविता यादव को बताया। इसके बाद दोपहर दो बजे पीएमओ डॉ. सविता यादव ने इमरजेंसी में पहुंचकर अन्य डॉक्टर की ड्यूटी लगाने का प्रयास किया, लेकिन डॉक्टरों की कमी के कारण कोई नहीं मिला। इसी दौरान इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई। मरीजों की समस्या को देखते हुए पीएमओ डॉ. सविता यादव और उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. हेमंत ने इमरजेंसी आने वाले मरीजों को उपचार देना शुरू कर दिया। इस दौरान उन्होंने इमरजेंसी में भर्ती मरीजों से भी बेड पर जाकर हालचाल पूछा।
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स्वास्थ्य महानिदेशक को सूचना देने के बाद नियुक्त किया डॉक्टर
पीएमओ डॉ. सविता यादव ने पहले इस समस्या के बारे में सीएमओ डॉ. विनय गुप्ता को बताया। सीएमओ को बताने के बाद जब डॉक्टर की नियुक्ति नहीं की गई, तो उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशक को डॉक्टर की कमी के बारे में सूचना दी। जिसके बाद टीबी विभाग की डॉ. पूजा को करीब साढ़े तीन बजे इमरजेंसी में मरीजों को संभालने के लिए भेजा गया।

हर रोज आती है परेशानी
पीएमओ डॉ. सविता यादव ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण आए दिन इमरजेंसी में इस तरह की समस्या से जूझना पड़ता है। कई बार एक डॉक्टर दो-दो शिफ्ट में कार्य करता है। इमरजेंसी के लिए कम से कम नौ डॉक्टरों की नियुक्ति होनी चाहिए। अभी उनके पास मात्र चार ही डॉक्टर है। उन्होंने बताया कि अगर सीएमओ की ओर से डॉक्टरों की नियुक्ति नहीं की गई, तो बुधवार को भी इस समस्या से जूझना पड़ सकता है।
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ओपीडी खत्म होने के बाद अन्य डॉक्टरों ने की मदद
ओपीडी का समय खत्म होने के बाद जब डॉक्टरों को पता चला कि पीएमओ इमरजेंसी में मरीजों को उपचार दे रही है। तो सभी डॉक्टर उनकी मदद करने के लिए पहुंच गया। डॉ. शिप्ली, डॉ. संदीप, डॉ. योगेश, डॉ. डीएस राठी आदि ने इमरजेंसी में आकर मरीजों को उपचार दिया।
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