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Faridabad News: सात जिलों की नौ टीमों ने औषधि दुकानों पर की छापेमारी

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-, 58 मेडिकल स्टोरों की जांच, एक मेडिकल स्टोर सील तो 38 दवाओं के नमूने लिए
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में प्रतिबंधित दवाओं व नशीले पदार्थों की बिक्री को ध्यान में रखते हुए मेडिकल स्टोर्स पर बड़ी कार्रवाई अमल में लाई गई। खाद्य एवं औषधि प्रशासन हरियाणा के आयुक्त मनोज कुमार तथा एसडीसी हरियाणा ललित गोयल के निर्देशानुसार नूंह जिले में गुप्त सूचनाओं के आधार पर औषधि दुकानों पर संयुक्त छापेमारी अभियान चलाया गया।
ड्रग नियंत्रक अधिकारी डा. सुरेश कुमार ने बताया कि इस अभियान में रेवाड़ी, नारनौल, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, चरखी दादरी एवं नूंह जिलों से आए कुल 9 ड्रग कंट्रोल अधिकारियों की टीम ने भाग लिया। यह कार्रवाई एसडीसीओ, गुरुग्राम एवं फरीदाबाद जोन के पर्यवेक्षण में की गई, जिसके तहत जिला नूंह के कुल 58 मेडिकल स्टोरों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पुनहाना के होडल–नगीना रोड स्थित एम/एस राजस्थानी मेडिकल स्टोर में बिना किसी रिकॉर्ड के एनआरएक्स दवाइयां व एमटीपी किट का भंडारण पाया गया, जिस पर संबंधित दुकान को मौके पर ही सील कर दिया गया। अन्य मेडिकल स्टोरों पर निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की नशीली दवाइयों की बरामदगी नहीं हुई।
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उन्होंने बताया कि कुछ दुकानों पर अभिलेख अधूरे पाए गए तथा पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति जैसी अनियमितताएं सामने आईं। इन मामलों में ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स अधिनियम एवं नियमों के तहत लाइसेंसिंग प्राधिकरण द्वारा निरीक्षण रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान दवाइयों की गुणवत्ता परीक्षण हेतु कुल 38 दवा नमूने एकत्र किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण एवं विश्लेषण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच में पाया कि कुछ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट निरीक्षण से बचने के उद्देश्य से अपनी दुकानें बंद कर गए। ऐसे प्रतिष्ठानों का शीघ्र ही निरीक्षण किया जाएगा, जिन्होंने जानबूझकर जांच से बचने का प्रयास किया है।
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उन्होंने स्पष्ट किया है कि स्थानीय प्रशासन से प्राप्त इनपुट के आधार पर इस प्रकार की छापेमारी कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी। कार्रवाई के बाद पूरे जिले में चर्चा का माहौल बना रहा। मेडिकल स्टोर संचालकों में डर का माहौल देखने को मिला। कई दुकानदारों ने बताया कि अचानक हुई इस कार्रवाई से वे भी सतर्क हो गए हैं और अपने रिकॉर्ड व लाइसेंस से संबंधित कागजातों की जांच में जुट गए हैं। वहीं कुछ संचालकों ने टीम के जाने तक दुकानें बंद रखना ही उचित समझा।
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