सेक्टर-33 में चल रहा है चार सप्ताह का इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेक्टर-33 स्थित राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान में चल रहे चार सप्ताह के इंडक्शन एवं ओरिएंटेशन कार्यक्रम के तहत एनएचपीसी के ट्रेनी इंजीनियरों को आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में भूकंप, बाढ़, आगजनी जैसी आपात स्थितियों में प्राथमिक बचाव के उपाय और पीड़ितों तक सुरक्षित राहत पहुंचाने की रणनीतियों पर विशेष जानकारी दी गई।
यह विशेष सत्र गुरुग्राम से आई हरियाणा राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम की ओर से आयोजित किया गया।
एनपीटीआई की महानिदेशक डॉ. तृप्ता ठाकुर ने कहा कि इंजीनियरों का दायित्व केवल तकनीकी कार्यों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में भी वे राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार का प्रशिक्षण ट्रेनी इंजीनियरों को बहु-आयामी कौशल से लैस करता है, जो देश के संवेदनशील क्षेत्रों में कार्य करते समय अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
एसडीआरएफ के वरिष्ठ अधिकारी एएसआई संजय सिंह ने कहा कि आपदा का समय और समन्वय दोनों बेहद अहम होते हैं। सही प्रशिक्षण से न सिर्फ जानमाल की रक्षा की जा सकती है, बल्कि हालात पर प्रभावी नियंत्रण भी पाया जा सकता है। व्यावहारिक सत्र में इंजीनियरों को आपात स्थिति से निपटने के लिए तकनीकी अभ्यास भी कराया गया।
इस प्रशिक्षण में एएसआई रिंकू सिंह, राजकुमार, प्रवीन, अनिल और एचसी बलराज भी शामिल रहे। प्रशिक्षु इंजीनियरों ने सत्र को बेहद प्रभावी बताते हुए कहा कि देश के कई दुर्गम और आपदा-प्रवण क्षेत्रों में एनएचपीसी की परियोजनाएं स्थित हैं, जहां प्राथमिक चिकित्सा सुविधाएं आसानी से उपलब्ध नहीं होतीं। ऐसे में यह प्रशिक्षण उनके लिए जीवन रक्षक सिद्ध हो सकता है।
डॉ. तृप्ता ठाकुर ने बताया कि ऐसे बहु-आयामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन संस्थान आगे भी करता रहेगा ताकि प्रशिक्षुओं को तकनीकी दक्षता के साथ-साथ आपदा प्रबंधन जैसी जीवन रक्षक योग्यताओं का भी प्रशिक्षण मिलता रहे।