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Faridabad News: रंग-बिरंगे दीयों की धूम, कोलकाता में बने दीये आकर्षण का केंद्र

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दिवाली का साज है दीया, इसके बिना त्योहार अधूरा
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर के बाजारों में दिवाली पर्व को लेकर रौनक बढ़ती जा रही है। इस बार फरीदाबाद के बाजारों में मिट्टी से बने रंग-बिरंगे और डिजाइनर दीयों की खूब मांग देखने को मिल रही है। एनआईटी पांच मार्केट में जगह-जगह रेहड़ी-पटरी पर दुकानदार दीयों की दुकान लगाए बैठे हैं, जहां ग्राहकों की भीड़ लगातार बढ़ रही है।
एनआईटी-पांच मार्केट में मिट्टी के बर्तनों के व्यापारी शेर सिंह ने बताया कि दिवाली से करीब पांच दिन पहले से ही मिट्टी के दीयों की बिक्री में तेजी आ जाती है। सुबह से लेकर देर शाम तक खरीदार लगातार आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि साधारण दीये सबसे अधिक बिकते हैं क्योंकि ये सस्ते होते हैं और बड़ी मात्रा में खरीदे जाते हैं।
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हालांकि, इस बार ग्राहकों का झुकाव रंग-बिरंगे और आकर्षक डिजाइन वाले दीयों की ओर ज्यादा देखने को मिल रहा है। शेर सिंह ने बताया कि इन दीयों को रंगने और सजाने में अधिक समय और लागत लगती है, इसलिए इनके दाम भी थोड़े अधिक होते हैं। उन्होंने बताया कि साधारण दीये 90 रुपये में 100 मिल जाते हैं, जबकि रंग-रोगन किए हुए दीयों के दाम इससे कई गुना बढ़ जाते हैं।

शेर सिंह ने यह भी बताया कि उनके पास कोलकाता में बने खास दीये भी उपलब्ध हैं, जिनकी बनावट और कारीगरी उन्हें अन्य दीयों से अलग बनाती है। इन दीयों की सुंदरता और डिजाइन ही इन्हें ग्राहकों के बीच आकर्षण का केंद्र बनाती है। कई ग्राहक तो इन दीयों की पूरी पेटी एक साथ खरीदकर ले जाते हैं।
मार्केट में दियों की खरीदारी करने आईं आशा ने बताया कि वे पहले दिवाली पर मोमबत्तियां जलाती थीं लेकिन अब वे रंग-बिरंगे दीयों का उपयोग करती हैं। उन्होंने कहा कि उनकों कलकत्ता के दीये काफी पसंद हैं। वे त्योहार नजदीक आने से पहले ही दीयों को खरीद लेती हैं।
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त्योहार की आहट के साथ ही मिट्टी के दीयों से बाजार एक बार फिर जगमगा उठे हैं। पारंपरिक और आधुनिकता का संगम बने ये दीये न केवल घरों को रोशन करेंगे बल्कि कुम्हारों और स्थानीय कारोबारियों के चेहरों पर भी रौनक लेकर आए हैं।
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