निजी अस्पतालों का लेना पड़ रहा सहारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। सेक्टर-3 स्थित प्रथम रेफरल यूनिट (एफआरयू) में एनएचएम कर्मचारियों की चल रही हड़ताल का असर अब आम मरीजों पर साफ दिखाई देने लगा है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं को उठानी पड़ रही है, जिनकी नियमित जांच और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
सोमवार को अस्पताल पहुंचीं कई महिलाओं ने बताया कि उन्हें ब्लड टेस्ट और अन्य जरूरी जांच नहीं होने की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिस वजह से महिलाओं को बीके अस्पताल और निजी सेंटरों पर जाकर करवानी पड़ रही है। इस वजह से महिलाओं को जांच के लिए अधिक रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं।
सेक्टर-3 निवासी पूजा का कहना है कि सरकारी अस्पताल में मुफ्त या कम खर्च में मिलने वाली सुविधाएं बंद होने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। खासतौर पर ग्रामीण और दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाली महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एनएचएम कर्मचारी डाॅ. सुखबीर को बर्खास्त करने के विरोध में पिछले कई दिनों से हड़ताल पर है। जिस वजह से एफआरयू में आने वाले मरीजों को काफी परेशानी हो रही है।