बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 18.51 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना शुरू
लो-वोल्टेज और बार-बार फॉल्ट से मिलेगी राहत
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद के तेजी से विकसित हो रहे सेक्टर-80 में लंबे समय से बनी बिजली संकट की समस्या अब दूर होने की उम्मीद है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने सेक्टर की बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 18.51 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना शुरू की है। इस परियोजना के तहत नए 400 केवीए ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे, पुरानी और अधूरी पड़ी एलटी लाइनों को बदला जाएगा और पूरे बिजली नेटवर्क को आधुनिक तकनीक के अनुरूप विकसित किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है और अधिकारियों का दावा है कि काम पूरा होने के बाद सेक्टर-80 में बिजली आपूर्ति पहले की तुलना में कहीं अधिक स्थिर और बेहतर होगी।
ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-80, 81, 82 और आसपास के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से रिहायशी सोसाइटियां विकसित हुई हैं। हजारों परिवार यहां बस चुके हैं लेकिन बिजली का ढांचा उसी अनुपात में मजबूत नहीं हो पाया। गर्मियों के मौसम में बिजली लोड बढ़ने के साथ ट्रांसफार्मर फुंकने, लो-वोल्टेज, ट्रिपिंग और केबल फॉल्ट की समस्याएं लगातार सामने आती रही हैं। कई बार लोगों को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ती है। हाईराइज सोसाइटियों में लिफ्ट और पानी की सप्लाई तक प्रभावित होती रही है। ऐसे में एचएसवीपी की यह परियोजना सीधे तौर पर हजारों परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी मानी जा रही है।
तेजी से बढ़ती आबादी ने बढ़ाया बिजली नेटवर्क पर दबाव
ग्रेटर फरीदाबाद अब शहर का सबसे तेजी से विकसित होने वाला शहरी इलाका बन चुका है। बीते एक दशक में यहां बड़ी संख्या में बिल्डर परियोजनाएं आईं और नई आबादी बसती चली गई। सेक्टर-80 भी इसी विस्तार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों का कहना है कि जिस समय यहां बिजली का मूल ढांचा तैयार किया गया था उस समय इतनी अधिक आबादी और बिजली खपत का अनुमान नहीं था। अब हर घर में एयर कंडीशनर, लिफ्ट, पानी की मोटर और अन्य भारी उपकरणों के इस्तेमाल से बिजली मांग कई गुना बढ़ चुकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर समय रहते बिजली नेटवर्क को मजबूत नहीं किया जाता तो आने वाले वर्षों में समस्या और गंभीर हो सकती थी। इसी कारण एचएसवीपी ने भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पूरे सिस्टम को अपग्रेड करने का निर्णय लिया है।
बिजली लोड का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा
परियोजना के तहत सेक्टर-80 में 400 केवीए क्षमता वाले आधुनिक ट्रांसफार्मर लगाए जाएंगे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इससे बिजली लोड का बेहतर प्रबंधन हो सकेगा और वोल्टेज फ्लक्चुएशन की समस्या काफी हद तक खत्म होगी। वर्तमान में कई इलाकों में शाम के समय वोल्टेज इतने कम हो जाते हैं कि एसी और अन्य उपकरण सही तरीके से काम नहीं कर पाते। नए ट्रांसफार्मर लगने के बाद बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर रहने की उम्मीद है। इसके साथ ही सेक्टर में शेष बची एलटी लाइनों की आपूर्ति और संस्थापन का कार्य भी किया जाएगा। पुरानी और कमजोर लाइनों के कारण अक्सर केबल फॉल्ट होते रहे हैं। नई लाइनें बिछने से बिजली बाधित होने की घटनाओं में कमी आएगी और सप्लाई अधिक सुचारू होगी। विभाग इस परियोजना में टेस्टिंग और कमीशनिंग को भी शामिल कर रहा है ताकि कार्य पूरा होने के बाद नेटवर्क को पूरी तरह जांच कर चालू किया जा सके।
ग्रेटर फरीदाबाद के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल की अहम कड़ी
फरीदाबाद में पिछले कुछ वर्षों से सड़क, सीवर, बिजली और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर लगातार दबाव बढ़ रहा है। तेजी से बढ़ती आबादी के बीच ग्रेटर फरीदाबाद को स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल के रूप में विकसित करने की योजना पर काम चल रहा है। सेक्टर-80 की यह 18.51 करोड़ रुपये की परियोजना उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। जानकारों का कहना है कि यदि इसी तरह अन्य सेक्टरों में भी समय रहते बिजली नेटवर्क को मजबूत किया गया तो आने वाले वर्षों में शहर को बड़े बिजली संकट से बचाया जा सकता है। फिलहाल सेक्टर-80 के निवासियों को उम्मीद है कि वर्षों पुरानी बिजली समस्याओं से अब उन्हें स्थायी राहत मिल सकेगी।
लोगों की जरूरतों व सुविधाओं को देखते हुए सभी आवश्यक चीजों को अपडेट किया जा रहा है। लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी। - संदीप दहिया, अधीक्षण अभियंता एचएसवीपी