- कम माइलेज वाली बसों से चालक-परिचालकों की ड्यूटी बदली जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। डिपो द्वारा संचालित की जा रही नई बसों की माइलेज कम आने की वजह से राजस्व में काफी नुकसान हो रहा है। जिसके चलते उच्च अधिकारियों द्वारा चालक व परिचालक को आदेश दिए हैं कि वह ज्यादा से ज्यादा माइलेज को लेकर आए, जो चालक-परिचालक पांच किलोमीटर प्रति लीटर के हिसाब से माइलेज लेकर नहीं आ रहा है, उसकी ड्यूटी में फेरबदल किया जा रहा है।
डिपो से हर रोज 135 बसें विभिन्न रूटों पर चलाई जाती है। डिपो के पास कुछ समय पहले टाटा कंपनी की बसें आई है। जिनको लॉग रूट के साथ साथ लोकल रूटों पर चलाया जा रहा है। उन बसों की किलोमीटर प्रति लीटर माइलेज काफी कम आ रही है, जिसकी वजह से डिपो के राजस्व को नुकसान हो रहा है। इसको लेकर उच्च अधिकारियों द्वारा चालक व परिचालक को आदेश दिए गए हैं कि टाटा कंपनी की बसों की माइलेज कम से कम पांच किलोमीटर प्रति लीटर लेकर आए। वर्क्स मैनेजर जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि नई बसें डिपो में आने के बाद किलोमीटर प्रति लीटर ज्यादा आनी चाहिए लेकिन चालक द्वारा काफी कम किलोमीटर प्रति लीटर लेकर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि टाटा कंपनी की बसों में दो बटन लगे हुए है। जिसमें लाल रंग का बटन सामान्य सड़क पर चलाने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। वहीं, पहाड़ी इलाके में जो बसें जाती है उनको हरे रंग के बटन का इस्तेमाल करना होता है। अगर चालक द्वारा इन दोनों बटन का इस्तेमाल किया जाता है तो माइलेज काफी अच्छी आएगी। जिससे डिपो के राजस्व में किसी प्रकार से कोई नुकसान नहीं होगा। इसी के चलते चालक व परिचालक को सख्त आदेश दिए गए है कि बसों में लगे इन दोनों बटन का इस्तेमाल करें ताकि माइलेज अच्छी आ सकें। जिन चालक द्वारा माइलेज अच्छी नहीं दी जा रही है, उनकी ड्यूटी में फेरबदल करके नए चालकों की ड्यूटी को लगाया जा रहा है।