फरीदाबाद। आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम की हालत लगातार खराब होती जा रही है। स्थिति यह है कि निगम के पास कर्मचारियों को वेतन देने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है, क्योंकि नगर निगम के आय के साधन कम होते जा रहे हैं और खर्चे लगातार बढ़ रहे हैं। इस कंगाली को दूर करने के लिए नगर निगम ने अब राज्य सरकार से स्टांप ड्यूटी के रूप में बकाया करीब 173 करोड़ रुपये की मांग की हैं जिससे की आर्थिक स्थिति ठीक हो सके। नगर निगम आयुक्त की तरफ से इस संबंध में एक पत्र सरकार को भेज कर सूचित किया गया है।
नगर निगम की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। कोरोना महामारी में संकट और बढ़ गया। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, निगम के पास पैसे कमाने का प्रॉपर्टी टैक्स ही एक जरिया है। वहीं सरकार धीरे-धीरे नगर निगम के आय के साधन खत्म करती जा रही है। इससे निगम अपने कर्मचारियों को वेतन भी समय पर नहीं दे पा रहा है। दूसरी तरफ नगर निगम भी अपनी तरफ से आय के साधन नहीं जुटा बना रहा है, जिससे कि उसका राजस्व बढ़ सके। शहर में जो विकास कार्य किए जा रहे हैं वह मुख्यमंत्री घोषणा के तहत हो रहे हैं। जनरल फंड से नगर निगम ने विकास कार्य करना बंद कर दिया है।
यही कारण है कि शहर की खस्ताहाल सड़कों की मरम्मत नहीं करवाई जा सकी। हार्डवेयर प्याली रोड, हार्डवेयर सोहना रोड, सेक्टर-12 मुख्य सड़क की हालत खस्ता बनी हुई है। इस स्थिति से निपटने के लिए निगमायुक्त ने स्टांप ड्यूटी के रूप में मिलने वाली फीस का बकाया पैसा सरकार से मांगा है। नगर निगम आयुक्त यश गर्ग ने बताया कि सरकार के पास जनवरी 2019 से लेकर मई महीने तक स्टांप ड्यूटी के रूप में करीब 173 करोड़ रुपये बकाया हैं जो सरकार ने नगर निगम को नहीं दिए हैं। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि वह जल्द से जल्द इस बकाया राशि को दे ताकि शहर में विकास कार्य हो सकें।