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कमरे में मिली मां-एक साल के बेटे की लाश: नीले पड़े थे दोनों शव, तीन साल पहले हुई थी आरती और निशांत की लव मैरिज

Sun, 24 May 2026 09:48 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद।

सार

रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये के पीछे की कहानी करीब तीन साल पहले कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी। मूल रूप से फरीदाबाद के गांव पावटा की रहने वाली आरती और निशांत की पहली मुलाकात कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय में साथ पढ़ते-पढ़ते दोनों के बीच पहले सामान्य बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गई। कॉलेज परिसर से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।
 
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कमरे में मिले मां-बेटे के शव - फोटो : AI/Amar Ujala
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विस्तार
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हरियाणा के फरीदाबाद स्थित सूरजकुंड के गांव अनखीर में शनिवार को एक 28 वर्षीय विवाहिता और उसके एक वर्षीय मासूम बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों के शरीर का रंग नीला पड़ा हुआ था, जिससे शुरुआती जांच में जहरीला पदार्थ सेवन करने की आशंका जताई जा रही है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए जहर देकर हत्या करने का गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की है। पूछताछ के लिए पुलिस ने पति को हिरासत में लिया है।

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पहली मंजिल पर रहता था परिवार
सूचना मिलते ही सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद, पुलिस टीम और फॉरेंसिक साइंस की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इसके बाद दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज के अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने रविवार को अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के बाद दोनों शवों को परिजनों के हवाले कर दिया है। मृतका आरती (28) अपने पति निशांत और बेटे हृदय के साथ मकान की पहली मंजिल पर रहती थी।

पति है लैब अटेंडेंट
पति निशांत एक निजी अस्पताल में लैब अटेंडेंट के पद पर कार्यरत है। पति के अनुसार शनिवार को वह ड्यूटी पर गया हुआ था। शाम को जब वह घर लौटा, तो उसने कमरे में पत्नी और बेटे को बेसुध पाया, जिनकी मौत हो चुकी थी। सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रह्लाद ने बताया कि मायके पक्ष की शिकायत पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के असली कारणों का सही खुलासा हो पाएगा।

तीन साल पहले कॉलेज में शुरू हुई थी प्रेमी कहानी
रोंगटे खड़े कर देने वाले वाकये के पीछे की कहानी करीब तीन साल पहले कॉलेज के दिनों से शुरू हुई थी। मूल रूप से फरीदाबाद के गांव पावटा की रहने वाली आरती और निशांत की पहली मुलाकात कॉलेज में पढ़ाई के दौरान हुई थी। पंडित जवाहरलाल नेहरू राजकीय महाविद्यालय में साथ पढ़ते-पढ़ते दोनों के बीच पहले सामान्य बातचीत शुरू हुई, जो समय के साथ गहरी दोस्ती में बदल गई। कॉलेज परिसर से शुरू हुई यह दोस्ती धीरे-धीरे प्रेम संबंधों में तब्दील हो गई। दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का फैसला कर लिया।

दोनों की शादी के लिए तैयार नहीं थे परिवार वाले
शुरुआत में दोनों के परिवार इस प्रेम विवाह के फैसले के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। पारिवारिक पृष्ठभूमि और अन्य सामाजिक कारणों के चलते दोनों पक्षों के माता-पिता ने इस रिश्ते का कड़ा विरोध किया था। हालांकि, आरती और निशांत अपने फैसले पर अडिग रहे और काफी मान-मनौव्वल व समय बीतने के बाद आखिरकार दोनों परिवारों को उनके प्यार के आगे झुकना पड़ा। दोनों पक्षों के बुजुर्गों की सहमति बनने के बाद करीब तीन साल पहले दोनों का धूमधाम से रीति-रिवाज के साथ विवाह करा दिया गया। शादी के बाद आरती अपने पति निशांत के साथ मकान की पहली मंजिल पर खुशी-खुशी रहने लगी।

रोज-रोज होती थी पति-पत्नी में लड़ाई
विवाह के बाद आरती ने एक सुंदर बेटे हृदय को जन्म दिया, जिससे परिवार की खुशियां दोगुनी हो गईं। लेकिन यह खुशियां ज्यादा दिनों तक नहीं टिक सकीं और इस हंसते-खेलते परिवार को विवाद की नजर लग गई। पुलिस जांच और मायके पक्ष के आरोपों के अनुसार, पिछले कुछ समय से पति-पत्नी के बीच लगातार गहरा विवाद चल रहा था। आरती के मायके वालों का साफ आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोग उसे दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित कर रहे थे, जिसके कारण घर में आए दिन कलह होती थी। रोज-रोज के इस पारिवारिक झगड़े और मानसिक तनाव के कारण आरती इस कदर टूट चुकी थी कि उसने पहले भी एक बार अपनी जीवनलीला समाप्त करने का मन बना लिया था।
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आरती ने दो माह पहले भी जान देने की कोशिश की थी
मिली जानकारी के मुताबिक करीब दो महीने पहले भी आरती ने इसी विवाद से तंग आकर जहरीला पदार्थ निगल लिया था और आत्महत्या का प्रयास किया था। हालांकि, उस समय जहर खाने के तुरंत बाद उसने खुद फोन करके पति निशांत को इस बात की जानकारी दे दी थी। पत्नी द्वारा जहर खाने की बात सुनते ही निशांत तुरंत अपनी ड्यूटी छोड़कर घर भागा था और समय रहते आरती को नजदीक के अस्पताल में दाखिल कराया था, जहां डॉक्टरों की मुस्तैदी के कारण उसकी जान बच गई थी। लेकिन इस बार शनिवार को हुए विवाद के बाद आरती और उसके एक साल के मासूम बेटे हृदय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। दोनों के शरीर नीले पाए गए हैं। मायके पक्ष के हत्या के आरोपों के बाद सूरजकुंड थाना पुलिस अब इस पुराने विवाद और दहेज उत्पीड़न के सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर मामले की गहराई से तफ्तीश कर रही है।
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