संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। बीके अस्पताल में मार्च में करीब 2300 से अधिक मरीजों ने एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाए हैं।
यदि बीते वर्ष 2025 की बात की जाए, तो बीके अस्पताल में कुल 28478 मरीजों ने एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए थे। इसके साथ ही लोग जिले में बने स्वास्थ्य केंद्रों, निजी अस्पतालों व क्लीनिक पर इंजेक्शन लगवाते हैं। बीके अस्पताल में ओपीडी के बाद भी आपातकालीन विभाग में भी एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने की सुविधा शुरू कर दी गई। सोमवार से शुक्रवार दोपहर दो बजे तक इंजेक्शन रूम में यह सेवा उपलब्ध है। वर्ष 2024 में एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों का आकड़ा 23215 था, जबकि 2023 में 21600 था। यानी 2024 से 2025 तक पांच हजार से अधिक मरीजों की बढ़ोतरी हुई है। वहीं, 2023 से 2025 तक करीब सात हजार मरीजों में इजाफा हुआ है।
डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ता काटने पर घाव को तत्काल साबुन और पानी से अच्छी तरह धोना जरूरी है और इसके बाद बिना देर किए अस्पताल पहुंचकर इंजेक्शन लगवाना चाहिए। बीके अस्पताल में एंटी रेबीज इंजेक्शन का इंजेक्शन मात्र 100 रुपये में लगाया जाता है, जबकि निजी अस्पतालों में इस इंजेक्शन की कीमत करीब 400 रुपये से अधिक है।