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Faridabad News: अप्रैल में 2200 से अधिक लोगों ने लगवाए एंटी रेबीज इंजेक्शन

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अप्रैल माह में करीब 2200 से अधिक मरीजों ने लगवाए रेबीज इंजेक्शन। संवाद
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शहरवासियों ने लावारिस कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। शहर में लावारिस कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। कुत्तों के हमले की घटनाएं अब आम होती जा रही हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बीके अस्पताल में केवल अप्रैल में ही 2200 से अधिक लोगों ने एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाए।


यदि वर्ष 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो बीके अस्पताल में कुल 28,478 लोगों ने रेबीज के इंजेक्शन लगवाए। वहीं, वर्ष 2024 में यह संख्या 23,215 और 2023 में 21,600 रही थी। इस प्रकार 2024 से 2025 के बीच 5,000 से अधिक मरीजों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि 2023 से 2025 तक यह आंकड़ा करीब 7,000 बढ़ा है।
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विशेषज्ञों के अनुसार, इन मरीजों में महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे और युवा सभी वर्ग शामिल हैं। इसके अलावा, जिले के अन्य स्वास्थ्य केंद्रों, निजी अस्पतालों और क्लीनिक में भी बड़ी संख्या में लोग एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवा रहे हैं।



मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बीके अस्पताल में ओपीडी के साथ-साथ आपातकालीन विभाग में भी टीकाकरण की सुविधा शुरू कर दी गई है। सोमवार से शुक्रवार दोपहर दो बजे तक इंजेक्शन रूम में यह सेवा उपलब्ध रहती है।
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कुत्ते के काटने पर सबसे पहले घाव को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए
डॉक्टरों का कहना है कि कुत्ते के काटने पर सबसे पहले घाव को साबुन और साफ पानी से अच्छी तरह धोना चाहिए। इसके बाद बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाना जरूरी है। बीके अस्पताल में यह इंजेक्शन मात्र 100 रुपये में उपलब्ध है, जबकि निजी अस्पतालों में इसकी कीमत 400 रुपये या उससे अधिक हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि कुत्ते के काटने के बाद निर्धारित समय पर टीकाकरण बेहद जरूरी है। मरीज को पहला इंजेक्शन उसी दिन, इसके बाद तीसरे, सातवें और 28वें दिन लगवाना चाहिए। प्रशासन और नगर निगम के लिए यह बढ़ती समस्या चिंता का विषय बनती जा रही है। शहरवासियों ने आवारा कुत्तों पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
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