संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। आदिवासी कला और संस्कृति को दर्शाने के लिए सूरजकुंड मेले में 800 से ज्यादा खर पतवार की हट बनाईं जा रही हैं। इनको बनाने के लिए मजदूर हरदोई और पलवल से बुलाए गए हैं। जबकि खर पतवार मेवात से मंगवाया गया है। हट का काम लगभग 90 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है। इस बार मेले में 1300 से ज्यादा हट बनाई जाएंगी।
सूरजकुंड मेला सात फरवरी से लेकर 23 फरवरी तक आयोजित होगा। मेले के थीम राज्य मध्य प्रदेश और ओडिशा हैं। बांग्लादेश, भूटान, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाइलैंड को मेले का पार्टनर कंट्री बनाया गया है। ऐसे में आदिवासी कला, संस्कृति, नृत्य आदि विशेष रूप से देखने को मिलेंगे। उसको लेकर मेला क्षेत्र में तैयारियां जोरों पर हैं। इस बार मेले में 1300 से ज्यादा हट बनाई जाएंगी। उसमें से लगभग 800 हट खर पतवार की बनाई जाएंगी। जिनको बनाने के लिए खरपतवार मेवात ने मंगवाया गया है। जबकि बनाने वाले मजदूर उत्तर प्रदेश के हरदोई और पलवल के निवासी हैं। हट बना रहे राकेश कुमार ने बताया कि वह हरदोई से पिछले 15 साल से मेला से पहले खरपतवार की हट बनाने के लिए आते हैं। इस बार 20 लोगों की टीम के साथ आएं हैं। पिछली बार हट की संख्या 700 के करीब थी। लेकिन इस बार 100 खरपतवार की हट बढ़ाई गईं हैं।