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मिर्च स्प्रे छिड़कने से बच्चों की तबीयत बिगड़ी

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बल्लभगढ़। निजी स्कूल में प्रार्थना सभा के बाद आठवीं कक्षा के बच्चे ने परफ्यूम समझकर क्लास में मिर्च स्प्रे छिड़क दिया। इससे एक अध्यापिका समेत 10 बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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स्कूल में बच्चों के बेहोश होने की जानकारी मिलने पर आदर्श नगर थाना पुलिस समेत एसीपी जयवीर राठी भी स्कूल पहुंच गए।
आदर्श नगर थाना प्रभारी कैलाशचंद ने बताया कि सोमवार सुबह रोज की तरह बच्चे स्कूल पहुंचे थे। बच्चों ने प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया, जिसके बाद सभी को अपनी-अपने क्लास में भेज दिया गया। थोड़ी देर बाद ही अचानक आठवीं कक्षा में विद्यार्थियों की तबियत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते बच्चे बेहोश होने लगे। इससे स्कूल में अफरा तफरी मच गई। क्लास के 10 बच्चों सहित अध्यापिका बेहोश हो गए। सभी को नजदीक के अस्पताल पहुंचाया गया और बच्चों के परिजनों को भी घटना की सूचना दी गई। इस दौरान सूचना मिलने पर पुलिस भी स्कूल पहुंच गई।
जांच के दौरान पता चला कि क्लास एक बच्चे को रास्ते में कहीं एक स्प्रे बोतल पड़ी हुई मिली। उसने उसे परफ्यूम समझ कर अपने बैग में रख लिया और क्लास में आकर उसे छिड़कने लगा। पुलिस ने उसकी जांच की तो पता चला कि वह परफ्यूम की नहीं बल्कि मिर्च स्प्रे की बोतल थी, जिससे बच्चों की तबियत बिगड़ गई थी। एक बच्ची की तबीयत ज्यादा खराब होने के कारण बल्लभगढ़ के सरकारी अस्पताल में भेज दिया गया, जहां उसकी हालत में भी सुधार होने पर उसे भी अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
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मिर्च स्प्रे से क्या होता है नुकसान
डॉ. अरूण शर्मा ने बताया कि इसके उपयोग से वैसे तो नुकसान नहीं होता, थोड़ी देर दिक्कत होती है और फिर सब ठीक हो जाता है। यदि किसी पर इसका जरूरत से ज्यादा प्रयोग कर दिया जाए तो यह जानलेवा साबित हो सकता है। इसमें मुख्य रूप से मिर्च से निकाला गया केप्सेसिन नामक तत्व मिला होता है। इसमें अमोनिया, एथेनोल आदि का प्रयोग किया जाता है। इससे यह तीव्र उत्तेजना वाला होता है। इससे आंखों में जलन होती है और सांस लेने में दिक्कत आती है। इसलिए यह कुछ परिस्थिति में काफी खतरनाक भी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में भर्ती बच्चे अब खतरे से बाहर हैं।
सघनता से होगी जांच
स्कूल में छात्रों के बेहोश होने की घटना के बाद से स्कूल प्रबंधन सकते में हैं। प्रिंसिपल संतोष कुमार पाल ने बताया कि अब स्कूल में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए हर छात्रों के बैग आदि की सघनता से जांच की जाएगी। किसी भी बाहरी वस्तु को स्कूल में नहीं लाने दिया जाएगा। उन्होंने इस घटना को छात्र की नादानी बताया। उन्होंने कहा कि सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
अभिभावकों के उड़ गए थे होश
स्कूल में बच्चों के बेहोश होने की जानकारी अभिभावकों को स्कूल प्रबंधन और पुलिस की ओर से दी गई। यह सुनकर सभी अभिभावकों के होश उड़ गए। वह तुरंत अस्पताल पहुंच गए। इस घटना के बाद से स्प्रे छिड़कने वाला छात्र भी डरा हुआ है। यह उसका बचपना था। हालांकि स्कूल प्रबंधन अथवा किसी बच्चे के अभिभावक ने पुलिस को अभी तक किसी प्रकार की शिकायत नहीं दी है।
सभी बच्चे ठीक हैं। इस तरह के स्प्रे को खासकर महिलाएं सेल्फ डिफेंस के लिए रखती हैं। यह एक बच्चेे को कहीं गिरा हुआ मिल गया था, जिसके छिड़कते ही बच्चों की तबीयत बिगड़ गई थी। अब सभी बच्चे ठीक हैं। उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
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- कैलाशचंद, थाना प्रभारी आदर्श नगर।
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