हर रोज 10 मरीज पहुंच रहे जिला नागरिक अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिला नागरिक अस्पताल में सिरदर्द से परेशान मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। प्रतिदिन करीब 10 मरीज ऐसे पहुंच रहे हैं, जिन्हें तेज सिरदर्द की शिकायत रहती है। इनमें से कई मरीज लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं। चिकित्सकों का कहना है कि जांच में अधिकांश मरीजों में माइग्रेन की समस्या सामने आ रही है।
चिकित्सकों का कहना है कि युवाओं में माइग्रेन के बढ़ते मामलों के पीछे बदलती जीवनशैली प्रमुख कारण है। अत्यधिक मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या, मोबाइल और कंप्यूटर का बढ़ता उपयोग, नींद की कमी और फास्ट फूड का अधिक सेवन इस समस्या को बढ़ा रहे हैं। इसके अलावा तेज धूप, प्रदूषण, शरीर में पानी की कमी और दर्द निवारक दवाओं का गलत इस्तेमाल भी माइग्रेन को बढ़ा रहा है।
सिरदर्द की समस्या के चलते अस्पताल पहुंचे मनोज ने बताया कि उन्हें पिछले तीन दिनों से लगातार तेज सिरदर्द हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी उन्हें सिरदर्द होता था, लेकिन वह जल्दी ठीक हो जाता था। इस बार दर्द लगातार बना हुआ है और कम होने का नाम नहीं ले रहा है।
वहीं, सेक्टर चार निवासी दीप्ति ने बताया कि वह स्नातक की पढ़ाई कर रही हैं और उनकी परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। लेकिन सिरदर्द के कारण वह पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रही हैं। इसी वजह से वह इलाज के लिए अस्पताल आई हैं।
सामान्य रोग विशेषज्ञ डॉ. योगेश गुप्ता ने बताया कि माइग्रेन केवल सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक न्यूरोलॉजिकल समस्या है, जिसमें सिर के एक हिस्से में तेज दर्द, उल्टी, जी मिचलाना और रोशनी या आवाज से परेशानी जैसी शिकायतें होती हैं। उन्होंने कहा कि मानसिक तनाव, हार्मोनल बदलाव (विशेषकर महिलाओं में) नींद में अनियमितता और कुछ खाद्य पदार्थ जैसे कैफीन व प्रोसेस्ड फूड इसके प्रमुख कारण हैं।
उन्होंने सलाह दी कि लोग नियमित दिनचर्या अपनाएं। साथ ही पर्याप्त नींद लें और पानी का सेवन बढ़ाएं। इसके अलावा स्क्रीनटाइम को सीमित रखें। साथ ही, बार-बार सिरदर्द होने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना जरूरी है।
माइग्रेन के उपाय
दर्द होने पर लेट जाएं और रोशनी व शोर से बचें।
माथे पर ठंडा पैक या गर्दन पर गर्म कपड़ा रखें।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
नियमित समय पर सोएं और पौष्टिक भोजन लें।
तनाव कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें।