धोखाधड़ी और अपराध के लिए उकसाने का आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। एनआईटी-3 स्थित ईएसआई मेडिकल कॉलेज में बेटे के दाखिले के लिए 10.50 लाख रुपये देने वाले पिता दीपन मदान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद की गई है। उन पर धोखाधड़ी और अपराध के लिए उकसाने का आरोप है।
दीपन मदान ने पहले 10.50 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि विकल्प सुखीजा और उसके परिवार के सदस्यों ने दाखिला नहीं कराया। इस शिकायत पर 20 फरवरी 2026 को चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी। पुलिस ने जांच में विकल्प सुखीजा को गिरफ्तार किया था। हालांकि, उसकी पत्नी सिमरन, अनिता सुखीजा और अंशुम को आरोपों से राहत मिली थी। विकल्प के खिलाफ 16 मई को अदालत में चालान पेश किया गया था। अब पुलिस दीपन मदान की भूमिका की भी जांच करेगी। यह जांच दाखिले के कथित सौदे से संबंधित है।
हाईकोर्ट के आदेश पर कार्रवाई
विकल्प सुखीजा ने जमानत के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। छह अगस्त को सुनवाई के दौरान अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि यदि शिकायतकर्ता की अवैध गतिविधि में संलिप्तता सामने आती है, तो जांच एजेंसी कार्रवाई कर सकती है। इसके बाद पुलिस ने मामले में सहायक जिला न्यायवादी से कानूनी राय ली।
35 लाख रुपये का कथित सौदा
दीपन मदान ने बेटे के दाखिले के लिए 35 लाख रुपये के कथित सौदे का आरोप लगाया था। उन्होंने इसमें से 10.50 लाख रुपये दिए थे। कानूनी राय में इस पहलू की विस्तृत जांच की जरूरत बताई गई। इसी आधार पर 12 अक्तूबर को दीपन मदान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि कथित सौदे की पहल और रकम के लेनदेन की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।