फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: साक्ष्य जुटाने के लिए लोकल कमिश्नर नियुक्त नहीं हो सकता, नगर की अपील खारिज

विज्ञापन
विज्ञापन
कृषि भूमि के व्यावसायिक इस्तेमाल का सबूत नहीं दे पाया नगर निगम,
विज्ञापन

अदालत ने चहारदीवारी और गेट सील करने की कार्रवाई को चुनौती देने वाले पक्ष के हक में फैसला बरकरार रखा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। कृषि भूमि के व्यावसायिक इस्तेमाल के सबूत जुटाने के लिए अपील के दौरान लोकल कमिश्नर नियुक्त नहीं किया जा सकता। यह टिप्पणी करते हुए अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेंद्र कुमार की अदालत ने नगर निगम की अपील खारिज कर दी। अदालत ने 21 अक्तूबर को दिए फैसले में कहा कि निगम जमीन का व्यावसायिक इस्तेमाल साबित नहीं कर पाया। वहीं, राजस्व रिकॉर्ड में जमीन पर बाजरे की फसल बोए जाने की पुष्टि हुई। अदालत ने लोकल कमिश्नर नियुक्त करने की निगम की मांग भी खारिज कर दी।

अमृत सिंह ने डबुआ गांव में 18 कनाल 19 मरले जमीन पर अपना मालिकाना हक और कब्जा होने का दावा किया था। नगर निगम ने आठ अगस्त 2018 को हरियाणा नगर निगम अधिनियम की धारा 261(1) के तहत नोटिस जारी किया था। इसके बाद 21 अगस्त 2018 को जमीन के गेट सील कर दिए गए। अमृत सिंह ने नोटिस का जवाब देने के साथ निगम की कार्रवाई को अदालत में चुनौती दी थी। निगम ने दलील दी कि जमीन एक कार एजेंसी को स्टॉकयार्ड के लिए किराये पर दी गई थी और वहां व्यावसायिक गतिविधियां हो रही थीं। हालांकि, अदालत ने पाया कि निगम के नोटिस में जमीन किराये पर देने या स्टॉकयार्ड के रूप में इस्तेमाल करने का उल्लेख नहीं था। निगम इस दावे के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य भी पेश नहीं कर पाया।
विज्ञापन


राजस्व रिकॉर्ड में बाजरे की फसल का उल्लेख
अदालत ने हलका पटवारी भारत भूषण की गवाही और वर्ष 2019 की खरीफ फसल की गिरदावरी को अहम माना। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार, जमीन पर बाजरे की फसल बोई गई थी। निगम व्यावसायिक इस्तेमाल साबित करने के लिए संबंधित गवाह भी पेश नहीं कर पाया। अदालत ने हरियाणा नगर निगम भवन उपनियम, 2014 का उल्लेख करते हुए कहा कि भवन की परिभाषा में चहारदीवारी शामिल नहीं है। फैसले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के पूर्व निर्णय का भी हवाला दिया गया।
विज्ञापन


लोकल कमिश्नर नियुक्त करने की मांग खारिज
अदालत ने कहा कि अपील के दौरान लोकल कमिश्नर नियुक्त करने की मांग का उद्देश्य जमीन के व्यावसायिक इस्तेमाल के संबंध में साक्ष्य जुटाना था। इसके लिए लोकल कमिश्नर नियुक्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने निगम की अर्जी खारिज करते हुए 17 मार्च 2023 के निचली अदालत के फैसले में कोई अवैधता नहीं पाई और नगर निगम की अपील खारिज कर दी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें