हादसे में पंजाब के गुरदासपुर निवासी इंजीनियर सत्तार (29), राजस्थान के प्रतापगढ़ निवासी मजदूर मनीष (30) और पश्चिम बंगाल के पुरुलिया निवासी जयदेव (21) की मौत हो गई। वहीं पश्चिम बंगाल के कैलाशपुरा निवासी मानिक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंच गए। भारी मशीनों की मदद से करीब नौ घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात लगभग 10 बजे तीनों शवों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायल मानिक को जीवित बचा लिया गया।
निर्माण कार्य में लगे कर्मचारी धीरज ने आरोप लगाया कि गैन्ट्री क्रेन के ब्रेक नहीं लगाए गए थे, जिसके कारण तेज हवा में वे ट्रैक से खिसक गईं। वहीं निर्माण कंपनी एपीसीओ प्रोजेक्ट्स का दावा है कि तेज आंधी के कारण क्रेन के ब्रेक फेल हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई है।