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Faridabad News: दोस्त की हत्या करने वाले दो दोषियाें को उम्रकैद

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अदालत ने दोनों पर अलग अगल 1.52 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। सेशन जज संदीप गर्ग की कोर्ट ने मौसेरी बहन के फोटो एडिट कर आपत्तिजनक बनाकर फेसबुक पर वायरल करने के चलते दोस्त की हत्या करने के दोषी दो युवकों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। सरकारी अधिवक्ता रविंद्र गुप्ता ने बताया कि दोनों दोषियों विश्वजीत उर्फ मोनू और डेविड उर्फ सोनू पर अदालत ने अलग-अलग 1.52 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है।

जीआरपी थाना फरीदाबाद में हत्या और सबूत मिटाने की धारा में एफआईआर 16 अक्टूबर 2019 को दर्ज हुई थी। उस मामले में उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी रमेश चंद ने शिकायत दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा राजकुमार उर्फ लखन एक साल से फरीदाबाद की कंपनी में नौकरी कर दोस्त आकाश के साथ किराये के मकान में रहता था। उसका शव पुलिस को रेलवे लाइन के पास नाले में मिला। शरीर पर चोट के कई निशान थे। जांच में पुलिस ने फोन कॉल डिटेल खंगाली। उसके बाद पुलिस ने गर्ग कॉलोनी निवासी विश्वजीत उर्फ मोनू को गिरफ्तार किया। विश्वजीत से पूछताछ के बाद आदर्श कॉलोनी निवासी डेविड उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया। उनसे पूछताछ में पता चला कि विश्वजीत की राजकुमार से दोस्ती थी। विश्वजीत पिता के ऑफिस पर बैठता था। वहां पर राजकुमार भी आता था। विश्वजीत की मौसेरी बहन कंप्यूटर पर काम करने आती थी। इस दौरान राजकुमार और युवती का परिचय हो गया था।
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दोनों में बातचीत होती थी। कुछ दिन बाद कपिल के नाम से बनी आईडी से युवती की आपत्तिजनक फोटो फेसबुक पर वायरल हुई। युवती ने भाई विश्वजीत को बताया कि राजकुमार ने कुछ दिन पहले उसे फोटो वायरल करने की धमकी देकर 2 लाख रुपये मांगे थे। विश्वजीत ने डेविड के साथ मिलकर 14 अक्टूबर 2019 की शाम को राजकुमार को कॉल कर बुलाया। फिर उसे फेसबुक पर डाली गई फोटो डिलीट करने को कहा गया। राजकुमार ने डिलीट करने से मना कर दिया। इससे नाराज विश्वजीत ने बर्फ तोड़ने वाले सुजा से और डेविड ने चाकू से वार किए। उन दोनों ने 16 वार कर राजकुमार की हत्या कर दी। उसके बाद शव को रेलवे लाइन के पास नाले में फेंक दिया। राजकुमार का फोन अलग एरिया में फेंक दिया और बाइक को अन्य एरिया में खड़ा कर दिया। पुलिस ने दोनों को जेल भेजने के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। उसमें 17 गवाह बनाए। पुख्ता सबूतों और गवाहों के आधार पर सेशन जज संदीप गर्ग की अदालत ने दोनों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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