फरीदाबाद। कोविड संक्रमण के बीच लोगों को टीकाकरण के लिए बेशक प्रेरित किया जा रहा हो, लेकिन वैक्सीन की कमी लोगों के उत्साह को खत्म कर रही है। इससे सबसे अधिक प्रभावित महिलाएं हो रही हैं। ज्यादातर वैक्सीन केंद्र पर ऐसी महिलाएं नजर आने लगी हैं जो बच्चों संग पहुंच रही हैं। ऐसे में बच्चे संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं।
अमूमन जिले को मिलने वाली खेप महज एक या दो दिन के लिए ही पर्याप्त हो पाती है। दो दिन में ही टीकाकरण को बढ़ाने का अभियान बेपटरी हो जाता है। बीते कुछ दिनों से एक बार फिर ऐसे ही हालात सामने आ रहे हैं। इस सप्ताह के शुरुआती दो दिनों में टीकाकरण ने जोर पकड़ा और फिर लोग वैक्सीन के लिए भटकने को मजबूर हो गए। बृहस्पतिवार को जिले में टीकाकरण के लिए महज तीन ऐसे केंद्र बनाए गए, जहां पहली डोज लगी। अन्य सात केंद्रों पर दूसरी डोज दी गई।
बच्चे को रोता देख पहले लगवाया गया टीका
जिले में टीकाकरण केंद्र के बाहर महिलाएं-बच्चे-बुजुर्ग और कामगारों की लाइन देखने को मिल रही है। बिना लाइन लगाए टीकाकरण की सहूलियत किसी केंद्र पर उपलब्ध नहीं है। बृहस्पतिवार को बीके नागरिक अस्पताल में पहली डोज के लिए बनाए गए केंद्र के बाहर दो वर्षीय बच्चा रोता नजर आया। पुलिस कर्मियों को बताया कि बच्चे की मां वैक्सीन सेंटर के अंदर टीका लगवाने गई है। बच्चे को अंदर नहीं जाने दिया गया तो कुछ लोगों ने महिला पहले टीका लगाने को कहा। इस पर बच्चे की मां को 20 लोगों में सबसे पहले टीका लगाया गया।
वर्जन-
टीके की भारी कमी है। निदेशालय को अगले 24 घंटे में खेप मिलने की उम्मीद है। रविवार तक वैक्सीन की कमी दूर करने के प्रयास हैं।
- डॉ. राजेश श्योकंद, टीकाकरण के नोडल अधिकारी