फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खोरी में 550 अवैध मकानों को किया ध्वस्त

विज्ञापन
विज्ञापन
फरीदाबाद। खोरी गांव में एक दिन की राहत के बाद बृहस्पतिवार को तोड़फोड़ की कार्रवाई की गई। हालांकि कुछ लोगों ने विरोध भी जताया, लेकिन इसके बावजूद निगम ने छह पोकलैड और सात जेसीबी से करीब 550 मकान ढहाए। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात रहा। वहीं दिल्ली पुलिस ने लालकुआं क्षेत्र की सीमाओं को भी सील कर दिया। इसके साथ निगम की ओर से कार्रवाई संबंधित रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को भेज दी गई है। इस मामले में 23 जुलाई को कोर्ट में सुनवाई होगी।
विज्ञापन

सुप्रीम कोर्ट ने 7 जून को आदेश जारी कर नगर निगम और हरियाणा सरकार को लकड़पुर गांव की राजस्व संपदा पर पर बसे खोरी गांव में तोड़फोड़ करने के आदेश जारी किए थे। कोर्ट का आदेश है कि जंगल की जमीन को फिर से जंगल में तब्दील किया जाए। इसके साथ ही बेघर होने वाले घरों के लिए पुनर्वास योजना लाई जाए। कोर्ट के आदेशों का पालन करते हुए नगर निगम द्वारा लगातार तोड़फोड़ की जा रही है। बुधवार को बकरीद होने के कारण निगम की ओर से कार्रवाई स्थगित कर दी गई थी। इससे लोगों को थोड़ी राहत मिली थी।
बृहस्पतिवार की अल सुबह पुलिस ने दिल्ली के लालकुआं चुंगी नंबर तीन के क्षेत्र को सील कर दिया। गलियों में भी पुलिस का पहरा बिठा दिया गया। घरों में भी पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गई। जैसे ही गांव में निगम का तोड़फोड़ दस्ता पहुंचा, लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। लोगों के विरोध के बीच निगम ने कार्रवाई जारी रखी। छह घंटे चली कार्रवाई के दौरान टीम ने लगभग 550 मकान जमींदोज कर दिए।
विज्ञापन

एक बार फिर बदली रणनीति
बृहस्पतिवार को निगम की तोड़फोड़ के लिए बनाई गई नई रणनीति भी नजर आई। पहले जहां तोड़फोड़ की गई थी। इसके मलबे को साफ किया गया। बंगाली कॉलोनी की तरफ भारी पुलिस बल की तैनाती की गई। इसके साथ ही दिल्ली प्रह्लादपुर क्षेत्र से गांव में प्रवेश करने वाले सभी इलाके बंद कर दिए गए। इसके बाद घेराबंदी कर तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू की गई।
वर्जन-
तोड़फोड़ की कार्रवाई लगातार जारी है। बृहस्पतिवार को करीब छह घंटे गांव में तोड़फोड़ की गई। इस दौरान की दिल्ली के सभी रास्ते बंद कर दिए गए थे। बंगाली कॉलोनी के आसपास पुलिस की तैनाती की गई। किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से बचने के लिए पुलिस बल का सहारा लिया गया। - डॉ. गरिमा मित्तल, निगमायुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें