संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। केंद्र सरकार द्वारा जारी स्पष्ट निर्देशों के एक सप्ताह बीत जाने के बाद भी शहर के पेट्रोल पंपों पर मिट्टी के तेल की बिक्री शुरू नहीं हो पाई है, जिससे आम जनता को भारी निराशा हाथ लगी है। गैस संकट के इस दौर में लोग उम्मीद लगाए बैठे थे कि केरोसिन की उपलब्धता से उन्हें राहत मिलेगी, लेकिन अभी भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
शहर में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम द्वारा संचालित करीब 80 पेट्रोल पंप हैं। सरकार की योजना के अनुसार मिट्टी के तेल का वितरण उन पुराने पंपों के माध्यम से किया जाना है जहां भंडारण की पहले से सुविधा है। हालांकि पेट्रोल पंप एसोसिएशन का कहना है कि शहर के दो चिन्हित पंपों के लिए अब तक कोई आधिकारिक आदेश या स्टॉक प्राप्त नहीं हुआ है, जिसके कारण वितरण प्रक्रिया अटकी हुई है।
इस देरी का सबसे बुरा प्रभाव शहर में रह रहे प्रवासी मजदूरों और कामकाजी वर्ग पर पड़ रहा है, जो पूरी तरह वैकल्पिक ईंधन पर निर्भर हैं। मिट्टी के तेल की उपलब्धता न होने का फायदा उठाकर गैस की कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं। छोटे सिलिंडरों में गैस भरने वाले दुकानदारों ने कीमतें बढ़ा दी हैं।
शहर में जहां पहले गैस 300 रुपये प्रति किलो थी, वहीं अब लोग 400 रुपये प्रति किलो तक चुकाने को मजबूर हैं। ईंधन की इन बढ़ती कीमतों और सरकारी आपूर्ति में देरी ने गरीब और मध्यम वर्ग के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। लोग इस उम्मीद में हैं कि प्रशासन जल्द सुध लेगा और पेट्रोल पंपों पर तेल की बिक्री शुरू कराकर उन्हें कुछ हद तक राहत दिलाएगा।