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कारगिल शहीद की कुर्बानी पर लालफीताशाही पड़ी भारी, बेबस हुआ परिवार

Thu, 19 May 2016 09:32 AM IST
मुकेश शर्मा/अमर उजाला, फरीदाबाद
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देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले शहीदों के परिवार लाल फीताशाही से हार रहे हैं। शहीदों के परिवारों को मिलने वाले प्लॉट अभी भी कागजी कार्रवाई में उलझे हुए हैं। 16 साल पहले कारगिल युद्ध में शहीद हुए बीजोपुर निवासी मोहम्मद सादिक के परिवार को 200 गज के प्लॉट के मालिकाना हक का आज भी इंतजार है।
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लाल फीताशाही से हारे इस शहीद परिवार की मदद के लिए अब भारतीय सेना आगे आई है। 27 जुलाई, 2000 को कारगिल युद्ध के दौरान लोहा लेते हुए राजपूताना राइफल के लांस नायक मोहम्मद सादिक ने दुश्मनों को बॉर्डर पार करने से रोका।

लड़ाई के दौरान लांस नायक पर दुश्मनों ने हमला बोल दिया और उन्हें गोलियों से छलनी कर दिया। कारगिल शहीद की शहादत पर तत्कालीन रक्षा मंत्री जार्ज फर्नांडिस ने सांत्वना दी थी। हरियाणा के तत्कालीन मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने शहीद परिवार को 200 गज का प्लॉट देने की घोषणा की थी।
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आर्थिक हालत देख ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव पारित कर प्लॉट शहीद परिवार को देने पर रजामंदी दे दी। उस वक्त एसडीएम रहीं अंजू चौधरी ने मौखिक रूप से प्लॉट पर निर्माण की इजाजत भी दे दी थी। मकान बनाकर परिवार ने रहना शुरू कर दिया, लेकिन लाल फीताशाही देश के लिए कुर्बान होने वाले इस परिवार पर भारी पड़ने लगी है। मकान का मालिकाना हक आज तक परिवार को नहीं मिला है। अब कुछ लोग मकान को अवैध कहकर तुड़वाने की कोशिश कर रहे हैं।

सेना ने जगाई उम्मीद
दर्जनभर से ज्यादा अर्जी देने के बाद जब सरकारी अधिकारियों ने शहीद परिवार की सहायता नहीं की, तब भारतीय सेना शहीद के सम्मान को बचाने आगे आई है। शहीद मोहम्मद सादिक के बड़े बेटे नसीम अहमद ने बताया कि सेना आज भी साल में दो बार उनके परिवार का हाल-चाल पूछती है।

गत 15 जनवरी को यूनिट की 75वीं स्थापना दिवस के मौके पर उदयपुर में राजपूताना राइफल द्वारा शहीद परिवार मिलन कार्यक्रम था, तब मैंने वहां कमाडिंग ऑफिसर को अपनी व्यथा बताई। उन्होंने मुझे मेजर विकास देशवाल के पास भेजा।

मेजर विकास के निर्देश पर ग्रुप कर्नल के आदेश पर अब हवलदार धर्मवीर कागजी कार्रवाई पूरा करने में जुटे हुए हैं। नसीम कहते हैं कि वे कई बार अलग-अलग विभागों में कागज जमा करा चुके हैं, लेकिन सरकारी बाबू शहीद परिवार को सम्मान नहीं देते। सेना से मिले आश्वासन से एकबार फिर उम्मीद जगी है।

शहीद परिवार ने दो दिन पहले ही मुझे शिकायत दी है। हम हर हाल में शहीद परिवार को प्लॉट का मालिकाना हक दिलाएंगे। मैंने बीडीपीओ से इस संबंध में रिपोर्ट तलब की है।-चंद्रशेखर, जिला उपायुक्त, फरीदाबाद
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