- पैरालंपिक में पेरिस में भी नहीं छोड़ा अभ्यास, रविवार सुबह से कर रहीं योग और ध्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। ग्रेटर फरीदाबाद निवासी एथलीट कंचन लखानी पेरिस पैरालंपिक में अपने मुकाबले से करीब 48 घंटे पहले अभ्यास छोड़कर योग और ध्यान किया। सोमवार शाम मैच से पूर्व अमर उजाला संवाददाता से बातचीत में उन्होंने बताया कि मैच के दौरान बेहतर प्रदर्शन के लिए तनाव मुक्त रहना चाहती हैं। इस दौरान कोच और विशेषज्ञों की सलाह पर एथलीट कंचन लखानी रोजाना एक घंटे ध्यान (मेडिटेशन) कर रही हैं। वहीं, शरीर को चुस्त दुरूस्त रखने के लिए रोजाना एक घंटे पेरिस में अभ्यास कर रही हैं।
पेरिस पैरालंपिक पहुंचने के बाद करीब एक सप्ताह से कंचन लगातार अभ्यास में जुटी थीं। एथलीट कंचन लखानी ने सोमवार भारतीय समय अनुसार करीब 10.30 बजे रात में व्हीलचेयर श्रेणी में डिस्कस थ्रो मुकाबले से पहले रविवार से अभ्यास छोड़ दिया था। हालांकि, मैच के दौरान तनाव को कम करने के लिए उन्होंने योग और ध्यान का सहारा लिया है। इसके साथ ही संतुलित आहार ले रहीं हैं।
उनका दावा है कि वह पैरालंपिक में देश के लिए कोई न कोई पदक जरूर जीतेंगी। कंचन फरीदाबाद स्थित नाहर सिंह एथलेटिक्स मैदान में रोजाना चार से पांच घंटे अभ्यास करती थीं। इससे पहले भी वह देश के लिए कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीत चुकी हैं। उनके कोच नरसी राम का मानना है कि वह अपने श्रेणी में स्वर्ण जीत सकती हैं। वह पिछले कई वर्षों से लगातार राजा नाहर सिंह स्टेडियम में अभ्यास कर रही हैं। कंचन के माता-पिता को भी उम्मीद है कि उनकी बेटी देश के लिए पदक जीतेंगी। पदक जीतकर लौटने के बाद उनका स्वागत किया जाएगा। उनके पिता मोहन लाल लखानी का कहना है कि उनकी बेटी अपनी कमजोरी को अपने ऊपर कभी हावी नहीं होने दी।