फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Faridabad News: सूरजकुंड मेले में गूंजा कैलाश खेर का सुर-साज

विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्य अतिथि ने किया शुभारंभ, कलाकार का हरियाली संदेश से स्वागत
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। 39वें सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय क्राफ्ट मेले की शाम पूरी तरह संगीत के नाम रही। गायक कैलाश खेर की सशक्त आवाज, सूफियाना अंदाज और देशी रागों के मेल ने मेला परिसर को देर रात तक झंकृत रखा।
हजारों पर्यटक एक सुर में गाते, झूमते और तालियां बजाते नजर आए जबकि मंच से उठती धुनें अरावली की वादियों में दूर तक गूंजती रहीं। इसी सांस्कृतिक माहौल के बीच पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी जिससे शाम में संगीत के साथ संवेदना का रंग भी घुल गया।
विज्ञापन


सांस्कृतिक संध्या का औपचारिक शुभारंभ हरियाणा के विरासत एवं पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद कुमार शर्मा ने बतौर मुख्य अतिथि किया। उनके साथ उनकी धर्मपत्नी डॉ. रीटा शर्मा और परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद रहे। मंच पर कैलाश खेर का भव्य स्वागत किया गया और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए उन्हें पौधा भेंट किया गया। आयोजन स्थल पर मौजूद शिल्पकारों और कलाकारों ने इसे सकारात्मक पहल बताया।

कैलाश खेर ने जैसे ही मंच संभाला, पूरा माहौल बदल गया। उन्होंने कौन है वो…(बाहुबली), तेरे नाम से जी लूं…, टूटा-टूटा एक परिंदा… और हीरे मोती मैं ना चाहूं…जैसे लोकप्रिय गीतों से दर्शकों को बांधे रखा। इसके बाद सुनो मेरी भोलेनाथ जी…की प्रस्तुति ने शाम को भक्तिमय बना दिया। आगे की कतारों में बैठे युवा, परिवार के साथ आए पर्यटक और विदेशी मेहमान सभी एक ही ताल में झूमते दिखे। कई पर्यटकों ने कहा कि सूरजकुंड जैसे खुले वातावरण में लाइव परफॉर्मेंस का अनुभव अनूठा रहा।

मुख्य अतिथि डॉ. अरविंद शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि कैलाश खेर जैसे कलाकार को मंच देना सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने जैसा है। उन्होंने कहा कि उनकी आवाज में भारतीय परंपरा, आध्यात्म और मिट्टी की खुशबू झलकती है, जो सूरजकुंड मेले की मूल भावना से मेल खाती है। उनके अनुसार यही वजह है कि मेला केवल खरीद-फरोख्त का केंद्र नहीं बल्कि संस्कृति के आदान-प्रदान का वैश्विक मंच बन चुका है।
विज्ञापन


शहीद इंस्पेक्टर को किया गया नमन
कार्यक्रम के दौरान हालिया झूला हादसे का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रशासन और पुलिस की तत्परता से स्थिति पर तुरंत काबू पा लिया गया और किसी नागरिक की जान नहीं गई। उन्होंने बहादुर इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की शहादत को नमन करते हुए कहा कि उनकी सूझबूझ और साहस ने कई जिंदगियां बचाईं। मंच पर मौजूद लोगों ने एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी, जिससे पूरा पंडाल भावुक हो उठा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें