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जेईई परीक्षा: थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही दिया प्रवेश

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फरीदाबाद। कोरोना संक्रमण के बीच मंगलवार को हुई संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) के दौरान कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करवाया गया। परीक्षा केंद्र में दाखिल होने से पूर्व परीक्षार्थियों की थर्मल स्क्रीनिंग और हैंड सैनिटाइज करवाने के साथ ही मास्क व दस्ताने पहनना भी अनिवार्य था। परीक्षार्थियों को केंद्र पर ही मास्क और दस्ताने निशुल्क उपलब्ध करवाए गए। इसके साथ ही केंद्र में सामाजिक नियम का पालन करते हुए एक-एक कंप्यूटर छोड़कर परीक्षार्थियों को बैठाया गया। परीक्षा सुबह 9 से 12 और फिर दोपहर को 3 से 6 बजे तक दो पारी में हुई।
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इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा जेईई मेन के लिए सुबह और दोपहर दो पारी में ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई। कोरोना काल में हो रही यह परीक्षा छह दिन में संपन्न होगी। परीक्षा आयोजित करवाने पर कांग्रेस पार्टी इसका खासा विरोध कर रही है। ऐसे में परीक्षार्थियों को संक्रमण से बचाने के लिए केंद्रों पर कोरोना से बचाव के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
परीक्षाओं के लिए सेक्टर-20 स्थित ईऑन इंस्टीट्यूट, एबीसीडी एग्जामिनेशन सेंटर और जवाहर कॉलोनी स्थित वीएम पब्लिक स्कूल में केंद्र बनाए गए। जिला प्रशासन ने यहां नायब तहसीलदारों को बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। परीक्षार्थियों के अलावा अन्य किसी भी व्यक्ति को परीक्षा केंद्र के पास जाने की अनुमति नहीं थी।
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गेट पर ही बनाए गोल घेरे
सुबह 9 बजे शुरू हुई परीक्षा के लिए 8 बजे के बाद प्रवेश शुरू कर दिया था। परीक्षा केंद्र के गेट पर ही सामाजिक दूरी के नियम के लिए गोल बनाए गए थे। परीक्षार्थियों को उन्हीं गोलों में खड़ा करवाया गया। इसके साथ ही गेट पर उनकी थर्मल स्क्रीनिंग व हाथ सैनिटाइज करवाए गए। जो परीक्षार्थी बिना मास्क के थे। उन्हें निशुल्क मास्क व सभी को दस्ताने दिए गए। इनके बगैर परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा था। परीक्षा केंद्र के अंदर भी सामाजिक दूरी के नियम का सख्ती से पालन किया गया।
परीक्षार्थियों को दो गज दूर बैठाने के लिए कंप्यूटर सिस्टम पर एक सीट छोड़कर बैठाया गया। इसके अलावा जा परीक्षार्थी परीक्षा देने नहीं पहुंचा तो उस कंप्यूटर पर भी किसी को नहीं बैठाया गया। बड़खल के नायब तहसीलदार यशवंत सिंह ने बताया कि ईऑन परीक्षा केंद्र पर एक समय में 500 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है, मगर कोरोना काल में एक समय में 222 परीक्षार्थियों को ही बुलाया जा रहा है। ईऑन केंद्र पर सुबह की पाली में 222 में से 135 बच्चे ही परीक्षा देने पहुंचे।
परीक्षार्थी बोले
पहले भी कई ऑनलाइन परीक्षाएं दी हैं। इसलिए किसी तरह की घबराहट नहीं थी। परीक्षा काफी अच्छी हुई है। उम्मीद है कि अच्छी रैंक आएगी।
- आदित्य राज, सेक्टर-3
कोरोना काल में परीक्षा का विरोध हो रहा है, मगर जो परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं उनसे इस बारे में किसी ने नहीं पूछा। हम परीक्षा देने के लिए तैयार थे। अच्छा है कि सरकार ने परीक्षा ले ली नहीं तो एक साल खराब हो जाता।
- दीपांशु, सेक्टर-21
प्रशासन की तरफ से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सभी इंतजाम किए गए हैं। ऐसे में किसी तरह का कोई डर नहीं लगा। स्क्रीनिंग व हैंड सैनिटाइज के साथ ही दस्ताने पहन कर परीक्षा दी। ऐसे में संक्रमण का खतरा काफी कम हो गया।
- तपिश, बल्लभगढ़
परीक्षा के दौरान किसी तरह का डर या घबराहट नहीं थी। कोरोना के कारण घरों में तो नहीं बैठे रह सकते। जब सब कुछ खुल गया है तो परीक्षा क्यों नहीं ली जा सकती है। सरकार ने परीक्षा लेकर परीक्षार्थियों का एक साल बचा दिया।
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- कोतल, बल्लभगढ़
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