पल्ला थाना क्षेत्र की सूरदास काॅलोनी स्थित नेहरू एन्क्लेव में हुआ हादसा
पुलिस ने किया लापरवाही से मौत का मामला दर्ज, परिवार ने नगर निगम और ठेकेदार पर लगाया आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। पल्ला थाना क्षेत्र की सूरदास काॅलोनी स्थित नेहरू एन्क्लेव में प्रशासन की लापरवाही से साढ़े चार साल के मासूम की जान चली गई। चार साल पहले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के लिए खोदे गए गड्ढे में खेलते समय मासूम गिर गया। गड्ढे में बरसाती पानी भरा था। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद मासूम को बाहर निकाला और नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां डाॅक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया गया। मृतक की शिनाख्त आर्यन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने परिवार की शिकायत पर लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
परिजनों ने नगर निगम के अधिकारियों के अलावा एसटीपी का काम करवाने वाले ठेकेदार पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। पुलिस ने रविवार को बीके अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मासूम का शव परिवार के हवाले कर दिया है। पल्ला थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। क्राइम टीम ने मौके पर जाकर पड़ताल की है।
पुलिस के मुताबिक आर्यन कुमार अपने परिवार के साथ गली नंबर-4, नेहरू एन्क्लेव, सूरदास काॅलोनी, तिलपत में रहता था। इसके परिवार में पिता राधो साह, मां पूजा, तीन साल की छोटी बहन आदित्य और सात माह का एक छोटा भाई है। आर्यन के पिता राधो साह का दिल्ली के नेहरू प्लेस में कंप्यूटर पार्ट्स का कारोबार है।
शनिवार दोपहर के समय आर्यन शिव मंदिर के पास खेल रहा था। मंदिर के पीछे की ओर नगर निगम ने एसटीपी के लिए करीब 40 फीट गहरा गड्ढा खोदा हुआ है। वहां फिलहाल बरसात का पानी जमा है। आर्यन खेलते हुए गड्ढे में गिर गया। बाकी बच्चों ने शोर मचाया तो पड़ोसी वहां मदद के लिए पहुंचे।
तब तक आर्यन डूब चुका था। कई लोग गहरे पानी में उतरे। करीब पंद्रह मिनट बाद आर्यन को पानी से बाहर निकालकर नजदीक के अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे बीके अस्पताल रेफर कर दिया गया। अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।
बाद में अस्पताल पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेजा गया। परिजनों का आरोप है कि जहां एसटीपी के लिए गड्ढा खोदा गया था, वहां पर कोई दीवार या रुकावट नहीं है। ऐसे में लगातार हादसे का खतरा बना हुआ था। पुलिस ने परिवार का बयान लेकर मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री के व्हाट्सएप पर भी की गई थी शिकायत
परिजनों ने बताया कि करीब चार साल पहले एसटीपी के लिए गड्ढा खोदा गया था। इसके बाद उसका काम रुक गया। गड्ढा काफी गहरा था। यहां अक्सर हादसे होते ही रहते है। इसको लेकर सूरदास काॅलोनी के बाबा केवल सैनी ने नगर निगम के एसडीओ से शिकायत करने के अलावा मुख्यमंत्री के व्हाट्सएप पर शिकायत की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
मकान बेचने की बात कर रहा परिवार
मूलरूप से चंपारन, बिहार के रहने वाले आर्यन के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता राधो साह का कहना है कि जब उनका बेटा ही चला गया तो वह यहां रहकर क्या करेंगे। राधो ने कई साल पहले नेहरू एन्क्लेव में अपना मकान बनाया था। उनके कई रिश्तेदार भी यहां रहते हैं, लेकिन बेटे की मौत के बाद वह अब मकान बेचकर दिल्ली शिफ्ट होने की बात कर रहे हैं। हादसे के बाद आर्यन की मां पूजा का रो-रोकर बुरा हाल है।