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Faridabad News: वायु प्रदूषण से प्रभावित हो रहे गर्भ में पल रहे मासूम

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फरीदाबाद। लगातार बढ़ रहा वायु प्रदूषण सांस व ह्रदय रोगियों के साथ-साथ गर्भवती महिलाओं के लिए भी बेहद खतरनाक है। प्रदूषण मां के साथ-साथ गर्भ में पल रहे बच्चे के लिए भी उतना ही नुकसानदेह होता है। विशेषज्ञों के मुताबिक हवा में मौजूद तरह-तरह के प्रदूषित कण बच्चे की सेहत पर बुरा प्रभाव डालते हैं। इससे गर्भ में ही बच्चे की मौत (स्टिलबर्थ), कम वजन के बच्चे का जन्म, समय से पहले प्रसव होने के अलावा अन्य कई प्रकार से दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
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वायु प्रदूषण बढ़ने से जिला नागरिक अस्पताल के अलावा शहर के निजी अस्पतालों में भी प्रदूषण से प्रभावित मरीजों की तादाद बढ़ गई है। इसमें बच्चे ओर बूढ़ों के अलावा गर्भवती महिलाएं भी बड़ी संख्या में शामिल हैं। अकेले जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना लगभग 150 से 200 गर्भवती महिलाएं ओपीडी के लिए आती है। इनमें से आने वाली 15 से 20 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं वायु प्रदूषण से प्रभावित होकर आ रही हैं। इसके अलावा भी शहर के निजी अस्पतालों में भी पहुंचने वाली 50 प्रतिशत गर्भवती महिलाएं प्रदूषण से प्रभावित होकर आ रही है। इन महिलाओं को सांस लेने मेंं दिक्कत, सूखी खांसी जैसी समस्याएं हो रही हैं। विशेषज्ञों की माने तो वायु प्रदूषण में तरह-तरह की हानिकारक गैसें जैसे की सल्फर डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड और ओजोन मौजूद होते हैं। यह सभी बच्चे और महिला दोनों की सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।



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वायु प्रदूषण का प्रभाव गर्भवती महिलाओं पर भी हो रहा है। सामान्य रोगों में प्रदूषण से प्रभावित 20 से 25 गर्भवती महिलाएं सांस से संबंधित समस्याओं के अलावा खांसी की शिकायत लेकर पहुंच रही हैं। प्रदूषण समय से पहले डिलीवरी का कारण बन सकता है। जिसकी वजह से बच्चों का शरीर और लंग्स अविकसित रह जाता हैं और बाद में यह बच्चों की सेहत पर काफी ज्यादा असर डालता है। इसके साथ ही गर्भावस्था में यदि कोई महिला वायु प्रदूषण के संपर्क में काफी ज्यादा है, तो समय से पहले डिलीवरी होने की संभावना बढ़ जाती है।
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- डॉ. अरूणा, स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला नागरिक अस्पताल





वायु प्रदूषण महिला और पुरुष दोनों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है। इसके साथ ही प्रसव के दौरान वायु प्रदूषण के संपर्क में आना गर्भपात का भी कारण बन सकता है। इसके साथ समय से पहले लेबर पेन होने के कारण कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं- जैसे कि अविकसित बच्चे का जन्म, जन्म के दौरान बच्चे की मृत्यु और कम वजन के बच्चे का जन्म। इन दिनों अस्पताल में 50 प्रतिशत महिलाएं प्रदूषण से प्रभावित होकर पहुंच रही हैं। ऐसे में हम गर्भवती महिला को कम से कम घर से बाहर जाने की सलाह देते हैं।
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- डॉ. दिव्या कुमारी, निजी अस्पताल
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