फरीदाबाद में 50 किमी हिस्से से जुड़े दर्जनों इलाके, सर्विस रोड पर 35 से ज्यादा अनधिकृत रास्ते
वर्ष 2024 में 647 सड़क हादसों में 287 लोगों की मौत हुई थी
अवैध कट बंद कराने की कार्रवाई स्थायी रूप से असरदार नहीं दिख रही
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का करीब 50 किलोमीटर हिस्सा फरीदाबाद से होकर गुजरता है, लेकिन इसकी सर्विस रोड पर बने अनधिकृत कट सड़क सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं। दिल्ली बॉर्डर से सेक्टर-65 तक करीब 24 किलोमीटर हिस्से की सर्विस रोड पर पड़ताल में 35 से अधिक कट खुले मिले हैं। इन रास्तों से पैदल रहागीर और दोपहिया चालक अचानक सर्विस रोड पर आते-जाते हैं। कई जगह गलत दिशा में जाने की स्थिति भी बनती है। जिले में वर्ष 2024 में 647 सड़क हादसों में 287 लोगों की मौत हुई थी। इसके बावजूद अवैध कट बंद कराने की कार्रवाई स्थायी रूप से असरदार नहीं दिख रही है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के डीएनडी-फरीदाबाद-केएमपी लिंक का फरीदाबाद में करीब 50 किलोमीटर हिस्सा है। इसमें दिल्ली के मीठापुर से फरीदाबाद के सेक्टर-65 तक करीब 24 किलोमीटर और सेक्टर-65 से कैल गांव होते हुए सोहना की तरफ करीब 26 किलोमीटर हिस्सा शामिल है। 24 किलोमीटर वाला हिस्सा नवंबर 2024 में यातायात के लिए खोला गया था जबकि सेक्टर-65 से सोहना तक का 26 किलोमीटर हिस्सा पहले ही चालू हो चुका था।
यह एक्सप्रेसवे पुराने बाईपास मार्ग को विकसित कर तैयार किया गया है। दिल्ली की तरफ से आने पर मीठापुर से सड़क फरीदाबाद में प्रवेश करती है। इसके बाद पल्ला और आगरा नहर के आसपास का क्षेत्र, सेक्टर-37, सेक्टर-29-30 क्षेत्र, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12-13-14 के आसपास का हिस्सा, सेक्टर-15-16 क्षेत्र, सेक्टर-17, सेक्टर-28-29, सेक्टर-31, सेक्टर-32, सेक्टर-34, सेक्टर-37 और आगे सेक्टर-59 से 65 तक के इलाके इससे सीधे या आसपास की सड़कों के जरिये जुड़े हैं।
सेक्टर-37 के आसपास एक्सप्रेसवे आगरा और गुरुग्राम नहर को पार करता है। इसके बाद यह फरीदाबाद के पुराने बाईपास मार्ग के साथ आगे बढ़ता है। सेक्टर-65 के बाद मार्ग कैल गांव होते हुए सोहना की तरफ जाता है और आगे केएमपी एक्सप्रेसवे से जुड़ता है।
इस तरह एक्सप्रेसवे केवल लंबी दूरी के वाहनों के लिए ही रास्ता नहीं है, बल्कि फरीदाबाद के कई सेक्टरों, गांवों और प्रमुख सड़कों के बीच कनेक्टिविटी का महत्वपूर्ण मार्ग भी बन चुका है। यही वजह है कि सर्विस रोड पर स्थानीय यातायात का दबाव भी काफी है।
जगह-जगह ग्रिल और बैरियर काटकर रास्ते बनाए
एक्सप्रेसवे की मुख्य सड़क छह लेन की है और दोनों तरफ तीन-तीन लेन की सर्विस रोड बनाई गई है। डिजाइन के अनुसार सर्विस रोड से मुख्य सड़क पर आने-जाने के लिए निर्धारित प्रवेश और निकास बिंदु होने चाहिए लेकिन स्थानीय स्तर पर जगह-जगह ग्रिल या बैरियर काटकर रास्ते बना दिए गए हैं। हाईवे के किनारे पुलिस लाइन वाले रोड के पास ग्रिल काटकर रास्ता बनाया गया है। वहीं 17-18 के चौक पर ग्रिल काटकर रास्ता बना रखा है वहीं एक ढाबा भी ग्रीन बेल्ट पर चल रहा है उसके सामने भी ग्रिल को टेड़ा कर रास्ता बनाया गया है। वहीं राजीव नागर में भी यही हाल है। अक्तूबर 2025 में भी एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर 50 से अधिक अनधिकृत कट होने की रिपोर्ट सामने आई थी। इनमें एत्मादपुर, पल्ला, बड़खल, खेड़ीपुल, ओल्ड फरीदाबाद, सेक्टर-12, 13, 14, 17, 37 और 65 के आसपास के हिस्सों का उल्लेख किया गया था। उस समय एनएचएआई की ओर से ऐसे रास्तों को बंद कराने की बात कही गई थी। अब करीब एक साल बाद भी कई स्थानों पर ऐसे रास्ते दिखाई दे रहे हैं।
सिर्फ कट बंद करना पर्याप्त नहीं, वैकल्पिक रास्ते भी जरूरी
स्थानीय लोगों के लिए कई अनधिकृत कट इसलिए सुविधाजनक बने हुए हैं क्योंकि उन्हें वैध रास्ते तक पहुंचने के लिए लंबा चक्कर लगाना पड़ता है इसलिए सभी कटों को बंद करने के साथ यह भी देखना होगा कि आसपास के सेक्टरों, कॉलोनियों और गांवों के लिए पर्याप्त वैध प्रवेश-निकास, यू-टर्न और अंडरपास उपलब्ध हैं या नहीं। विशेषज्ञों के अनुसार, सड़क सुरक्षा में केवल वाहन चालकों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है। सड़क का डिजाइन, संकेतक, बैरियर, रोशनी, यू-टर्न, सर्विस रोड और पैदल यात्रियों की आवाजाही सभी का एक साथ आकलन जरूरी है।
दिल्ली, मुंबई और दिल्ली-मथुरा रोड पर वाहन खड़ा करने वाले चालकों के वाहन जब्त किए जा रहे हैं। अगर हाईवे में कोई समस्या मिलती है तो संबंधित विभाग को उसके लिए पत्राचार भी किया जाता है।
-जयवीर राठी, डीसीपी ट्रैफिक